केंद्र ने राज्यों को ₹1.09 लाख करोड़ का अग्रिम कर हस्तांतरण किया: सहकारी संघवाद और राजकोषीय संतुलन को मिलेगा बल
केंद्र सरकार ने राज्यों को विकास कार्यों, अवसंरचना और कल्याणकारी योजनाओं के लिए निर्धारित तिथि से पहले ₹1.09 लाख करोड़ का कर हस्तांतरण जारी किया। वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार राज्यों को विभाज्य कर पूल का 41% हिस्सा दिया जाता है, जिससे सहकारी संघवाद और राज्यों की वित्तीय स्वायत्तता को मजबूती मिलती है। इस अग्रिम भुगतान का उद्देश्य पूंजीगत व्यय बढ़ाना, नकदी प्रवाह सुधारना, सार्वजनिक निवेश को गति देना और आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना है। कर हस्तांतरण में उत्तर प्रदेश को सर्वाधिक राशि प्राप्त हुई, जबकि बिहार, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और राजस्थान भी प्रमुख लाभार्थी राज्यों में शामिल रहे।
केंद्र सरकार ने राज्यों को ₹1.09 लाख करोड़ का कर हस्तांतरण निर्धारित तिथि से पहले जारी किया, ताकि राज्यों को विकास योजनाओं, अवसंरचना परियोजनाओं, सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों तथा अन्य सार्वजनिक व्ययों के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध हो सकें। यह अग्रिम वितरण राज्यों की नकदी स्थिति (Cash Flow) को मजबूत करने तथा आर्थिक गतिविधियों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
कर हस्तांतरण (Tax Devolution) की अवधारणा
कर हस्तांतरण (Tax Devolution) वह संवैधानिक व्यवस्था है जिसके अंतर्गत केंद्र सरकार अपने विभाज्य कर पूल (Divisible Pool of Taxes) का निर्धारित हिस्सा राज्यों को उपलब्ध कराती है। यह प्रक्रिया वित्त आयोग (Finance Commission) की सिफारिशों के आधार पर होती है। इन निधियों पर राज्यों का विवेकाधिकार होता है और वे इन्हें अपनी विकासात्मक एवं प्रशासनिक प्राथमिकताओं के अनुसार व्यय कर सकते हैं। वर्तमान में राज्यों को विभाज्य कर पूल का 41% हिस्सा प्रदान किया जाता है।
संवैधानिक एवं संस्थागत महत्व
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 280 के अंतर्गत वित्त आयोग का गठन किया जाता है, जो केंद्र और राज्यों के बीच करों के वितरण की सिफारिश करता है। कर हस्तांतरण भारतीय संघीय वित्तीय व्यवस्था (Fiscal Federalism) का प्रमुख आधार है, जिससे राज्यों को वित्तीय स्वायत्तता प्राप्त होती है तथा सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) को मजबूती मिलती है।
अग्रिम भुगतान का आर्थिक महत्व
निर्धारित समय से पहले धनराशि जारी करने का उद्देश्य राज्यों के पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) को बढ़ावा देना, अवसंरचना निर्माण में तेजी लाना, अल्पकालिक ऋण पर निर्भरता कम करना तथा विकास परियोजनाओं की निरंतरता बनाए रखना है। सार्वजनिक निवेश में वृद्धि से रोजगार सृजन, निजी निवेश को प्रोत्साहन तथा अर्थव्यवस्था में Multiplier Effect (गुणक प्रभाव) उत्पन्न होता है।
प्रमुख लाभार्थी राज्य
कर हस्तांतरण में उत्तर प्रदेश को सर्वाधिक आवंटन प्राप्त हुआ, इसके बाद बिहार, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और राजस्थान प्रमुख लाभार्थी रहे। साथ ही पूर्वोत्तर एवं छोटे राज्यों को भी वित्त आयोग के निर्धारित वितरण सूत्र के अनुसार उनका हिस्सा प्रदान किया गया। यह वितरण जनसंख्या, आय दूरी (Income Distance), क्षेत्रफल, वन एवं पारिस्थितिकी तथा जनसांख्यिकीय प्रदर्शन जैसे मानकों पर आधारित होता है।
UPSC परीक्षा की दृष्टि से महत्व
यह समाचार भारतीय अर्थव्यवस्था, वित्त आयोग, कर हस्तांतरण, केंद्र–राज्य वित्तीय संबंध, सहकारी संघवाद तथा राजकोषीय संघवाद (Fiscal Federalism) से संबंधित है। अभ्यर्थियों को अनुच्छेद 268 से 281, वित्त आयोग की भूमिका, विभाज्य कर पूल, अनुदान (Grants-in-Aid) और कर हस्तांतरण में अंतर, तथा GST परिषद एवं केंद्र–राज्य वित्तीय संबंधों का समग्र अध्ययन अवश्य करना चाहिए। यह विषय GS Paper-II (Polity & Governance) तथा GS Paper-III (Economy) दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
