जर्मनी ने 1-0 की जीत के साथ हॉकी विश्व कप का खिताब बरकरार रखा।
जर्मनी ने बेलफियस हॉकी एरिना में स्पेन को 1-0 से हराकर लगातार दूसरी बार FIH पुरुष हॉकी विश्व कप का खिताब जीता, जिसमें 44वें मिनट में मिशेल स्ट्रूथोफ ने निर्णायक गोल किया। इस जीत के साथ जर्मनी ने अपना चौथा विश्व कप खिताब हासिल कर पाकिस्तान के साथ सर्वाधिक खिताब जीतने वाली टीमों में स्थान बनाया। फाइनल में जर्मनी ने मजबूत रक्षात्मक रणनीति अपनाते हुए स्पेन के लगातार दबाव का सफलतापूर्वक सामना किया। स्पेन तीसरी बार विश्व कप फाइनल में पहुँचा, लेकिन खिताब जीतने में असफल रहा। अर्जेंटीना ने नीदरलैंड को 2-1 से हराकर कांस्य पदक जीता। यह प्रतियोगिता International Hockey Federation (FIH) द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय हॉकी की प्रमुख प्रतियोगिताओं में से एक है।
जर्मनी ने बेलफियस हॉकी एरिना में खेले गए फाइनल में स्पेन को 1-0 से हराकर लगातार दूसरी बार FIH पुरुष हॉकी विश्व कप का खिताब जीता। 44वें मिनट में मिशेल स्ट्रूथोफ ने निर्णायक गोल किया। International Hockey Federation द्वारा आयोजित यह प्रतियोगिता अंतरराष्ट्रीय हॉकी की प्रमुख प्रतियोगिताओं में शामिल है।
जर्मनी और पाकिस्तान संयुक्त रूप से शीर्ष पर
इस जीत के साथ जर्मनी ने अपना चौथा पुरुष हॉकी विश्व कप खिताब हासिल किया। जर्मनी के पूर्व खिताब 2002, 2006 और 2023 में आए थे। पाकिस्तान भी चार बार (1971, 1978, 1982 और 1994) विश्व कप जीत चुका है। इसलिए जर्मनी अब सबसे अधिक पुरुष हॉकी विश्व कप खिताब जीतने वाली टीमों में पाकिस्तान के बराबर है।
फाइनल में निर्णायक गोल और जर्मनी की रणनीति
पहले हाफ में दोनों टीमों ने मुख्य रूप से रक्षात्मक खेल अपनाया और स्कोर 0-0 रहा। दूसरे हाफ में स्पेन ने दबाव बढ़ाया, लेकिन 44वें मिनट में जर्मनी ने विंग्स के समन्वित आक्रमण से अवसर बनाया और स्ट्रूथोफ ने गोल कर बढ़त दिलाई। जर्मनी ने अंतिम सीटी तक अपनी रक्षात्मक संरचना बनाए रखी।
स्पेन का तीसरा फाइनल, लेकिन खिताब से दूर
स्पेन ने तीसरी बार पुरुष हॉकी विश्व कप के फाइनल में प्रवेश किया, लेकिन तीसरी बार भी चैंपियन बनने में असफल रहा। उसका पिछला फाइनल 1998 में था। मैच के अंतिम चरण में स्पेन ने गोलकीपर को हटाकर अतिरिक्त अटैकर उतारा, फिर भी बराबरी का गोल नहीं कर सका।
अर्जेंटीना ने कांस्य पदक जीता
कांस्य पदक के मुकाबले में अर्जेंटीना ने नीदरलैंड को 2-1 से हराया। अर्जेंटीना के लिए टोमास डोमेने और कप्तान मैथियास रे ने गोल किए, जबकि नीदरलैंड के लिए फ्लोरिस मिडेन्डोर्प ने बराबरी का गोल किया। निर्णायक गोल 59वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर से आया।
UPSC के लिए महत्व
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