चीनी की बढ़ती कीमतों पर सरकार का बड़ा कदम: 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति
भारत सरकार ने 31 अक्टूबर 2026 तक 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी है। यह अनुमति DGFT द्वारा टैरिफ रेट कोटा (TRQ) व्यवस्था के तहत घरेलू आपूर्ति बढ़ाने और कीमतों को नियंत्रित करने के लिए दी गई है। त्योहारी सीजन में बढ़ती मांग को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, क्योंकि चीनी की थोक और खुदरा कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। सरकार ने बड़े थोक उपभोक्ताओं के लिए 15 दिनों की खपत तक स्टॉक सीमा भी 1 सितंबर से 30 नवंबर 2026 तक लागू की है।
भारत सरकार ने 31 अक्टूबर 2026 तक 10 लाख मीट्रिक टन (10 लाख टन) कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी है। इसका प्रमुख उद्देश्य घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ाना और बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करना है।
टैरिफ रेट कोटा (TRQ) व्यवस्था:
विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने आयात नीति में संशोधन करते हुए Tariff Rate Quota (TRQ) के तहत इस आयात की अनुमति दी है। TRQ ऐसी व्यवस्था है, जिसमें एक निर्धारित मात्रा तक वस्तु के आयात पर कम या शून्य सीमा शुल्क लगाया जाता है, जबकि निर्धारित सीमा से अधिक आयात पर सामान्य या अधिक शुल्क लागू हो सकता है।
चीनी की कीमतों में वृद्धि:
घरेलू बाजार में चीनी की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। थोक स्तर पर अखिल भारतीय औसत कीमत लगभग ₹3,900 प्रति क्विंटल से बढ़कर ₹5,400–₹5,500 प्रति क्विंटल हो गई है। खुदरा स्तर पर औसत कीमत भी लगभग ₹46.34 प्रति किलोग्राम से बढ़कर ₹52.30 प्रति किलोग्राम हो गई।
त्योहारी मांग और आपूर्ति प्रबंधन:
भारत में सामान्यतः अगस्त से नवंबर के बीच गणेश चतुर्थी, दशहरा और दीपावली जैसे प्रमुख त्योहारों के कारण चीनी की मांग बढ़ती है। मिठाई, खाद्य प्रसंस्करण और पेय उद्योगों की मांग बढ़ने से कीमतों पर दबाव पड़ सकता है। शुल्क-मुक्त आयात का उद्देश्य इस मौसमी मांग के दौरान बाजार में पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखना है।
थोक उपभोक्ताओं पर स्टॉक सीमा:
सरकार ने प्रति माह 10 मीट्रिक टन से अधिक चीनी का उपभोग करने वाले थोक उपभोक्ताओं के लिए स्टॉक सीमा निर्धारित की है। ऐसे उपभोक्ता 15 दिनों की खपत से अधिक चीनी का भंडारण नहीं कर सकेंगे। यह व्यवस्था 1 सितंबर से 30 नवंबर 2026 तक लागू रहेगी।
UPSC परीक्षा के लिए महत्व:
यह समाचार मुद्रास्फीति नियंत्रण, खाद्य मूल्य प्रबंधन, आयात नीति, सीमा शुल्क, DGFT और Tariff Rate Quota (TRQ) के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। UPSC के लिए विशेष रूप से समझना चाहिए कि सरकार आयात शुल्क में कमी/छूट, TRQ और स्टॉक सीमा जैसे उपायों के माध्यम से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बढ़ाकर कीमतों और मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने का प्रयास करती है।
