तीसरा 'नमस्ते दिवस' 14 जुलाई 2026 को मनाया जाएगा: सुरक्षित एवं यंत्रीकृत स्वच्छता व्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
14 जुलाई 2026 को भारत में तीसरा 'नमस्ते दिवस' मनाया जाएगा, जो राष्ट्रीय यंत्रीकृत स्वच्छता पारिस्थितिकी तंत्र (NAMASTE) योजना के तीन वर्ष पूरे होने का प्रतीक है। इस दिवस का उद्देश्य स्वच्छता कर्मचारियों, सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों तथा पूर्व मैनुअल स्कैवेंजर्स के योगदान का सम्मान करना और उनकी सुरक्षा, गरिमा एवं सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देना है। NAMASTE योजना मैनुअल स्कैवेंजिंग को समाप्त कर यंत्रीकृत एवं सुरक्षित स्वच्छता प्रणाली को प्रोत्साहित करती है। इस अवसर पर स्वास्थ्य शिविर, सुरक्षा प्रशिक्षण, पीपीई जागरूकता कार्यक्रम और यंत्रीकृत स्वच्छता उपकरणों का प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।
14 जुलाई 2026 को भारत में तीसरा 'नमस्ते दिवस' (NAMASTE Day) मनाया जाएगा। यह राष्ट्रीय यंत्रीकृत स्वच्छता पारिस्थितिकी तंत्र (National Action for Mechanised Sanitation Ecosystem – NAMASTE) योजना के तीन वर्ष पूर्ण होने का प्रतीक है। इस अवसर पर मुख्य कार्यक्रम कोलकाता के रवींद्र सदन में आयोजित किया जाएगा।
नमस्ते दिवस का उद्देश्य
नमस्ते दिवस का उद्देश्य स्वच्छता कर्मचारियों, सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों, कचरा बीनने वालों तथा पूर्व मैनुअल स्कैवेंजर्स के योगदान को सम्मान देना तथा उनकी सुरक्षा, गरिमा और सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देना है। यह दिवस सुरक्षित कार्य परिस्थितियों और आधुनिक स्वच्छता प्रणाली के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने पर भी केंद्रित है।
NAMASTE योजना
NAMASTE (National Action for Mechanised Sanitation Ecosystem) योजना को वित्तीय वर्ष 2023-24 में प्रारंभ किया गया। इसका उद्देश्य मैनुअल स्कैवेंजिंग जैसी खतरनाक प्रथाओं को समाप्त कर यंत्रीकृत एवं प्रौद्योगिकी आधारित स्वच्छता प्रणाली को बढ़ावा देना है। योजना स्वच्छता कर्मचारियों के कौशल विकास, सुरक्षा, पुनर्वास तथा सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण पर विशेष बल देती है।
प्रमुख गतिविधियाँ
नमस्ते दिवस के अवसर पर देशभर के शहरी स्थानीय निकाय (Urban Local Bodies - ULBs) द्वारा स्वास्थ्य जांच शिविर, व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) के उपयोग पर जागरूकता कार्यक्रम, यंत्रीकृत स्वच्छता उपकरणों का प्रदर्शन तथा विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लाभों का वितरण किया जाएगा।
सामाजिक एवं नीतिगत महत्व
यह पहल स्वच्छ भारत मिशन, श्रमिक सुरक्षा, गरिमापूर्ण रोजगार (Decent Work), सामाजिक न्याय, सार्वजनिक स्वास्थ्य तथा सतत शहरी विकास के उद्देश्यों को सुदृढ़ करती है। साथ ही, यह सीवर एवं सेप्टिक टैंक की सफाई में मानव श्रम पर निर्भरता कम कर तकनीक आधारित, सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य व्यवस्था को प्रोत्साहित करती है।
UPSC परीक्षा की दृष्टि से महत्व
यह विषय UPSC प्रारंभिक परीक्षा के लिए NAMASTE योजना, मैनुअल स्कैवेंजिंग, स्वच्छ भारत मिशन, सामाजिक न्याय, श्रमिक कल्याण तथा शहरी विकास से संबंधित प्रश्नों की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। मुख्य परीक्षा (GS Paper-II एवं GS Paper-III) में सामाजिक न्याय, कमजोर वर्गों का सशक्तीकरण, शहरी शासन, सार्वजनिक स्वास्थ्य, मानव गरिमा तथा सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) से जुड़े उत्तरों में यह एक उपयुक्त समसामयिक उदाहरण है।
