विश्व युवा कौशल दिवस (15 जुलाई): युवाओं को कौशल आधारित शिक्षा एवं रोजगार से जोड़ने की वैश्विक पहल
विश्व युवा कौशल दिवस प्रतिवर्ष 15 जुलाई को युवाओं में कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता और तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2014 में इसे घोषित किया और पहली बार 2015 में इसका आयोजन हुआ। भारत में कौशल भारत मिशन, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY), NSDC और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 जैसी पहलें युवाओं को उद्योगोन्मुख कौशल प्रदान करने पर केंद्रित हैं। यह दिवस सतत विकास लक्ष्यों (SDG-4, SDG-8 और SDG-9) की प्राप्ति तथा समावेशी आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
विश्व युवा कौशल दिवस (World Youth Skills Day) प्रतिवर्ष 15 जुलाई को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य युवाओं को रोजगार, उद्यमिता और सतत विकास के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करने के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा (Technical and Vocational Education and Training – TVET) को प्रोत्साहित करना है।
पृष्ठभूमि
संयुक्त राष्ट्र महासभा (United Nations General Assembly) ने 18 दिसंबर 2014 को पारित प्रस्ताव के माध्यम से 15 जुलाई को विश्व युवा कौशल दिवस घोषित किया। यह दिवस पहली बार 15 जुलाई 2015 को मनाया गया। इसका उद्देश्य युवाओं को बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था और भविष्य के कार्यस्थलों (Future of Work) के लिए तैयार करना है।
दिवस का उद्देश्य
इस दिवस का मुख्य उद्देश्य युवाओं में डिजिटल कौशल, तकनीकी दक्षता, व्यावसायिक प्रशिक्षण, नवाचार, उद्यमिता तथा आजीवन सीखने (Lifelong Learning) को बढ़ावा देना है। यह कौशल आधारित शिक्षा के माध्यम से बेरोजगारी कम करने, उत्पादक रोजगार बढ़ाने तथा समावेशी आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने पर बल देता है।
भारत की प्रमुख पहलें
भारत सरकार ने कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए कौशल भारत मिशन (Skill India Mission), प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY), राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC), राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 में व्यावसायिक शिक्षा तथा प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना जैसी अनेक पहलें शुरू की हैं। इनका उद्देश्य उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप कुशल मानव संसाधन तैयार करना है।
सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) से संबंध
विश्व युवा कौशल दिवस सतत विकास लक्ष्य (SDG-4: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा), SDG-8: सम्मानजनक कार्य एवं आर्थिक विकास, तथा SDG-9: उद्योग, नवाचार एवं अवसंरचना की प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कौशल विकास मानव पूंजी निर्माण, उत्पादकता वृद्धि, नवाचार तथा समावेशी विकास का प्रमुख आधार माना जाता है।
UPSC परीक्षा की दृष्टि से महत्व
यह विषय UPSC प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय दिवस, संयुक्त राष्ट्र, कौशल विकास कार्यक्रम, PMKVY, NSDC तथा Skill India Mission के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। मुख्य परीक्षा (GS Paper-II एवं GS Paper-III) में शिक्षा, रोजगार, जनसांख्यिकीय लाभांश (Demographic Dividend), मानव संसाधन विकास, कौशल आधारित अर्थव्यवस्था तथा समावेशी विकास से संबंधित उत्तरों में यह एक महत्वपूर्ण समसामयिक उदाहरण है।
