अंतर्राष्ट्रीय नेल्सन मंडेला दिवस (18 जुलाई): शांति, समानता और मानवाधिकारों के प्रति वैश्विक संकल्प
अंतर्राष्ट्रीय नेल्सन मंडेला दिवस प्रतिवर्ष 18 जुलाई को दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति एवं नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नेल्सन मंडेला की जयंती पर मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने वर्ष 2009 में इस दिवस की घोषणा की थी और इसका पहला आयोजन 18 जुलाई 2010 को हुआ। यह दिवस मानवाधिकार, समानता, लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और शांति के प्रति लोगों को जागरूक एवं प्रेरित करने के लिए मनाया जाता है। मंडेला के 67 वर्षों के सार्वजनिक जीवन के सम्मान में लोगों को 67 मिनट समाज सेवा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
अंतर्राष्ट्रीय नेल्सन मंडेला दिवस (International Nelson Mandela Day) प्रतिवर्ष 18 जुलाई को मनाया जाता है। यह दिवस दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति एवं नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नेल्सन मंडेला के जन्मदिवस के अवसर पर उनके मानवाधिकार, सामाजिक न्याय, लोकतंत्र, समानता और शांति के लिए किए गए योगदान को सम्मानित करने हेतु मनाया जाता है। इस दिवस की घोषणा संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने नवंबर 2009 में की थी और पहली बार इसे 18 जुलाई 2010 को मनाया गया।
नेल्सन मंडेला का परिचय
नेल्सन मंडेला (1918–2013) दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद (Apartheid) के विरुद्ध संघर्ष के प्रमुख नेता थे। उन्होंने नस्लीय भेदभाव के खिलाफ लंबा आंदोलन चलाया और लगभग 27 वर्ष जेल में बिताए। वर्ष 1994 में वे दक्षिण अफ्रीका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति बने। उन्हें 1993 का नोबेल शांति पुरस्कार प्रदान किया गया। उनका जीवन क्षमा, मेल-मिलाप, लोकतंत्र और मानव गरिमा का प्रतीक माना जाता है।
दिवस का उद्देश्य
इस दिवस का उद्देश्य लोगों को समाज सेवा, मानवाधिकारों की रक्षा, समानता, सामाजिक न्याय, शांति और सामुदायिक विकास के लिए प्रेरित करना है। संयुक्त राष्ट्र नागरिकों से अपील करता है कि वे अपने समुदाय की सेवा के लिए समय निकालें। मंडेला के 67 वर्षों के सार्वजनिक जीवन के सम्मान में लोगों को 67 मिनट समाज सेवा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
संयुक्त राष्ट्र एवं वैश्विक महत्त्व
नेल्सन मंडेला दिवस विश्वभर में मानवाधिकार, लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक समावेशन और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने का अवसर है। यह दिवस संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs), विशेषकर शांति, न्याय एवं सशक्त संस्थानों (SDG-16) तथा असमानताओं में कमी (SDG-10) के उद्देश्यों को भी मजबूत करता है।
UPSC परीक्षा की दृष्टि से महत्त्व
यह विषय GS Paper-1 (महत्वपूर्ण व्यक्तित्व), GS Paper-2 (अंतरराष्ट्रीय संगठन एवं मानवाधिकार) तथा प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। परीक्षा में नेल्सन मंडेला, रंगभेद (Apartheid), नोबेल शांति पुरस्कार, संयुक्त राष्ट्र महासभा, अंतरराष्ट्रीय दिवस एवं SDGs से जुड़े तथ्य पूछे जा सकते हैं। मुख्य परीक्षा में इसे मानवाधिकार, सामाजिक न्याय और वैश्विक शासन के संदर्भ में जोड़ा जा सकता है।
