कर्नाटक की एयरोस्पेस नीति 2026-31 और संतुलित औद्योगिक विकास की नई पहल
कर्नाटक मंत्रिमंडल ने Karnataka Aerospace Policy 2026-31 को अंतिम रूप दिया, जिसका उद्देश्य एयरोस्पेस निवेश, विनिर्माण और रोजगार को बढ़ावा देना है। पिछड़े तालुकों में निवेश पर 10% और अति-पिछड़े तालुकों में 20% तक प्रोत्साहन दिया जाएगा, विशेषकर एयरोस्पेस, रक्षा, EV, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर क्षेत्रों में। ‘श्रमिक निवास’ योजना के तहत प्रारंभिक चरण में 10,000 आवास बनाए जाएंगे तथा रोजगार सृजन के लिए प्रति कर्मचारी दो वर्षों तक ₹2,500 का प्रोत्साहन प्रस्तावित है। तालुक अस्पतालों में X-ray व ECG के डिजिटलीकरण हेतु ₹40.5 करोड़ और 50 अस्पतालों में बच्चों की श्रवण समस्या की पहचान के लिए पहल को मंजूरी दी गई।
कर्नाटक मंत्रिमंडल ने Karnataka Aerospace Policy 2026-31 को अंतिम रूप दिया है। इसका उद्देश्य राज्य में एयरोस्पेस तकनीक, विनिर्माण और निवेश को बढ़ावा देना तथा नए रोजगार के अवसर पैदा करना है। नीति के तहत लक्षित और गैर-लक्षित क्षेत्रों में स्थापित एयरोस्पेस उद्योगों को सब्सिडी सहायता प्रदान की जाएगी।
एयरोस्पेस एवं रणनीतिक उद्योगों को प्रोत्साहन
कर्नाटक सरकार पिछड़े और अति-पिछड़े तालुकों में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रोत्साहन देगी। पिछड़े तालुकों में निवेश करने वाली इकाइयों को 10% तक, जबकि अति-पिछड़े तालुकों में निवेश करने वाली इकाइयों को 20% तक प्रोत्साहन दिया जा सकता है। प्रमुख लक्षित क्षेत्र हैं—एयरोस्पेस, रक्षा, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर।
क्षेत्रीय असंतुलन दूर करने पर जोर
नीति का महत्वपूर्ण उद्देश्य उद्योगों को केवल बेंगलुरु जैसे विकसित औद्योगिक केंद्रों तक सीमित रखने के बजाय पिछड़े एवं अति-पिछड़े क्षेत्रों में निवेश के लिए प्रोत्साहित करना है। इससे क्षेत्रीय असमानता कम करने, स्थानीय रोजगार बढ़ाने और औद्योगिक गतिविधियों के विकेंद्रीकरण में सहायता मिल सकती है।
‘श्रमिक निवास’ योजना
मंत्रिमंडल ने औद्योगिक श्रमिकों के लिए कार्यस्थल के निकट आवास उपलब्ध कराने की योजना को भी मंजूरी दी है। प्रारंभिक चरण में लगभग 10,000 आवास बनाने का प्रस्ताव है। कंपनियां सरकार की सब्सिडी के सहयोग से इन आवास सुविधाओं का निर्माण करेंगी। यह पहल शहरी आवास, श्रमिक कल्याण और औद्योगिक उत्पादकता से जुड़ी है।
रोजगार-आधारित औद्योगिक प्रोत्साहन
राज्य सरकार उद्योगों को रोजगार सृजन के लिए प्रोत्साहित करने हेतु प्रत्येक कर्मचारी पर दो वर्षों तक ₹2,500 का प्रोत्साहन देने की योजना बना रही है। इसके माध्यम से सरकार का लक्ष्य निवेश को केवल पूंजी निर्माण तक सीमित न रखकर रोजगार सृजन से जोड़ना है। EPF जैसे सामाजिक सुरक्षा योगदान भी इस व्यवस्था से जुड़े होंगे।
तालुक अस्पतालों का आधुनिकीकरण
मंत्रिमंडल ने स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सुधारों को मंजूरी दी है। X-ray और ECG रिपोर्ट के डिजिटलीकरण के लिए तकनीकी सहायता एवं उपकरणों हेतु ₹40.5 करोड़ आवंटित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त 50 तालुक अस्पतालों में बच्चों में सुनने की समस्या की पहचान के लिए विशेष पहल की जाएगी। UPSC के लिए यह पहल सहकारी संघवाद, क्षेत्रीय विकास, औद्योगिक नीति, रोजगार, श्रमिक कल्याण और सार्वजनिक स्वास्थ्य जैसे व्यापक मुद्दों से जुड़ती है।