उत्तर प्रदेश ने फसलों की सुरक्षा के लिए 'यूपी खेत सुरक्षा योजना 2026' शुरू की : सोलर फेंसिंग पर 60% तक सब्सिडी
उत्तर प्रदेश सरकार ने 'यूपी खेत सुरक्षा योजना 2026' शुरू की है, जिसके तहत फसलों को आवारा पशुओं, नीलगाय और जंगली सूअरों से बचाने के लिए सोलर फेंसिंग पर वित्तीय सहायता दी जाएगी। योजना में किसानों को स्थापना लागत पर 60% तक तथा विशेष श्रेणियों के किसानों को 70% तक सब्सिडी मिलेगी। यह पहल फसल क्षति कम करने, कृषि उत्पादकता बढ़ाने और सौर ऊर्जा आधारित कृषि अवसंरचना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। योजना का लाभ पात्र किसानों को डीबीटी के माध्यम से प्रदान किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों की फसलों को आवारा पशुओं, नीलगाय एवं जंगली सूअरों से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए 'यूपी खेत सुरक्षा योजना 2026' प्रारंभ की है। इस योजना के तहत कृषि भूमि के चारों ओर सौर ऊर्जा संचालित विद्युत बाड़ (Solar Fencing) लगाने हेतु वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
योजना का उद्देश्य योजना का प्रमुख उद्देश्य किसानों की फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, कृषि उत्पादन में होने वाले नुकसान को कम करना तथा सौर ऊर्जा आधारित कृषि अवसंरचना को बढ़ावा देना है। इसके माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने और सतत (Sustainable) कृषि प्रणाली को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है।
वित्तीय सहायता एवं सब्सिडी
योजना के अंतर्गत किसानों को सोलर फेंसिंग की स्थापना लागत पर 60% तक सब्सिडी प्रदान की जाएगी तथा अधिकतम ₹1.43 लाख प्रति किलोमीटर तक सहायता मिलेगी। अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), छोटे एवं सीमांत किसानों के लिए सब्सिडी की दर 70% तक बढ़ाई जा सकती है।
पात्रता एवं प्रमुख प्रावधान
योजना का लाभ केवल उत्तर प्रदेश के स्थायी किसानों को मिलेगा, जिनके पास कम से कम 0.5 हेक्टेयर कृषि भूमि हो तथा उनका नाम खतौनी में दर्ज हो। आवेदक के पास आधार से लिंक बैंक खाता होना आवश्यक है ताकि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से अनुदान प्रदान किया जा सके।
योजना का महत्व
सौर ऊर्जा से संचालित विद्युत बाड़ कम वोल्टेज के सुरक्षित विद्युत स्पंदन (Low Voltage Electric Pulses) के माध्यम से जंगली एवं आवारा पशुओं को खेतों से दूर रखती है। इससे फसल क्षति में कमी आती है, किसानों की उत्पादन लागत घटती है, कृषि उत्पादकता बढ़ती है तथा नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलता है।
UPSC परीक्षा की दृष्टि से महत्व
यह योजना कृषि सुधार, किसान कल्याण, खाद्य सुरक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रामीण विकास, सतत कृषि (Sustainable Agriculture), जलवायु-अनुकूल कृषि (Climate-Smart Agriculture) तथा प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) जैसे महत्वपूर्ण विषयों से संबंधित है। यह UPSC प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) में सरकारी योजनाओं तथा मुख्य परीक्षा (GS Paper-III: Agriculture, Environment, Inclusive Growth) के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
