सामाजिक सुरक्षा, सेवानिवृत्ति एवं पेंशन योजनाएं 2026
भारत में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का उद्देश्य असंगठित श्रमिकों, किसानों, व्यापारियों और कमजोर वर्गों को वृद्धावस्था, आर्थिक संकट, बीमारी और अन्य जोखिमों से वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है। प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना और प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना जैसी अंशदायी पेंशन योजनाओं के तहत पात्र लाभार्थियों को 60 वर्ष की आयु के बाद ₹3,000 मासिक पेंशन का प्रावधान है। PMJJBY और PMSBY जैसी योजनाएं कम लागत पर जीवन एवं दुर्घटना बीमा सुरक्षा प्रदान करती हैं, जबकि सरकार द्वारा सामाजिक सुरक्षा का दायरा अन्य वर्गों तक भी विस्तारित किया गया है। PDS, ONORC, PMAY-G और आयुष्मान भारत PM-JAY जैसी योजनाएं क्रमशः खाद्य, राशन पोर्टेबिलिटी, आवास और स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान कर समावेशी सामाजिक सुरक्षा तंत्र को मजबूत करती हैं।
भारत में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का उद्देश्य वृद्धावस्था, सेवानिवृत्ति, विकलांगता और आर्थिक अस्थिरता जैसी परिस्थितियों में नागरिकों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है। इन योजनाओं के माध्यम से सरकार विशेष रूप से असंगठित श्रमिकों, छोटे एवं सीमांत किसानों, व्यापारियों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने का प्रयास करती है। UPSC के लिए इन योजनाओं के उद्देश्य, पात्रता, लाभ, अंशदान और कार्यान्वयन व्यवस्था को समझना महत्वपूर्ण है।
असंगठित श्रमिकों के लिए पेंशन सुरक्षा
प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना (PM-SYM) असंगठित क्षेत्र के पात्र श्रमिकों के लिए स्वैच्छिक एवं अंशदायी पेंशन योजना है। इसमें 18–40 वर्ष आयु के पात्र श्रमिक प्रवेश आयु के आधार पर अंशदान करते हैं और केंद्र सरकार समान राशि का योगदान करती है। 60 वर्ष की आयु के बाद ₹3,000 की सुनिश्चित मासिक पेंशन तथा लाभार्थी की मृत्यु के बाद जीवनसाथी को 50% पेंशन का प्रावधान है।
व्यापारी, स्वरोजगार वर्ग और किसान भी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में
व्यापारियों एवं स्वरोजगार व्यक्तियों के लिए उपलब्ध पेंशन व्यवस्था का उद्देश्य दुकानदारों, छोटे व्यापारियों, रेस्तरां एवं होटल मालिकों, रियल एस्टेट ब्रोकर तथा अन्य स्वरोजगार व्यक्तियों को पेंशन सुरक्षा प्रदान करना है। पात्रता के लिए 18–40 वर्ष की आयु और ₹1.5 करोड़ तक का वार्षिक कारोबार जैसी शर्तें दी गई हैं। इसी प्रकार प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना (PM-KMY) छोटे एवं सीमांत किसानों को ₹3,000 की सुनिश्चित मासिक पेंशन उपलब्ध कराने पर केंद्रित है तथा इसमें सरकार द्वारा समान अंशदान का प्रावधान है।
बीमा आधारित सामाजिक सुरक्षा का विस्तार
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) कम लागत में बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराने वाली महत्वपूर्ण योजनाएं हैं। PMJJBY में पात्र लाभार्थी को मृत्यु की स्थिति में ₹2 लाख का जीवन बीमा कवर मिलता है, जबकि PMSBY दुर्घटना से मृत्यु या पूर्ण विकलांगता पर ₹2 लाख तथा आंशिक विकलांगता पर ₹1 लाख का कवर प्रदान करती है। PMSBY का वार्षिक प्रीमियम ₹20 है।
पेंशन से आगे—खाद्य, आवास और स्वास्थ्य सुरक्षा
सामाजिक सुरक्षा केवल पेंशन तक सीमित नहीं है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) और वन नेशन वन राशन कार्ड (ONORC) प्रवासी श्रमिकों सहित पात्र परिवारों की खाद्य सुरक्षा एवं राशन की पोर्टेबिलिटी को मजबूत करते हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) ग्रामीण पात्र परिवारों को आवास निर्माण के लिए वित्तीय सहायता देती है, जबकि आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) पात्र परिवारों को द्वितीयक और तृतीयक अस्पताल में भर्ती के लिए प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करती है।
UPSC के लिए व्यापक महत्व: सामाजिक न्याय और समावेशी विकास
इन योजनाओं का सामूहिक उद्देश्य भारत में सामाजिक सुरक्षा का विस्तार, वित्तीय समावेशन, गरीबी एवं vulnerability में कमी तथा गरिमापूर्ण जीवन को बढ़ावा देना है। UPSC में इन योजनाओं को GS Paper-II के सामाजिक न्याय, कल्याणकारी योजनाओं, स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा और vulnerable sections से जोड़ा जा सकता है। साथ ही, GS Paper-III में वित्तीय समावेशन, मानव पूंजी और समावेशी विकास के संदर्भ में इनका विश्लेषण किया जा सकता है। स्रोत के अनुसार, योजनाओं के उद्देश्य, पात्रता, लाभ और अंशदान संरचना परीक्षा की दृष्टि से विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं।
