एशियाई खेलों में भारत के प्रमुख पदक-विजेता खेल और 2026 की चुनौती
एशियाई खेलों में भारत के लिए एथलेटिक्स, शूटिंग, कुश्ती, कबड्डी और टेनिस प्रमुख पदक-विजेता खेल रहे हैं, जिनमें एथलेटिक्स के सर्वाधिक 283 पदक हैं। हांग्ज़ौ 2022 तक भारत ने एथलेटिक्स में 85 स्वर्ण, शूटिंग में 16 स्वर्ण और कुश्ती में 11 स्वर्ण पदक जीते हैं। कबड्डी में भारत के 13 पदकों में 11 स्वर्ण हैं, जबकि टेनिस में भारत ने कुल 34 पदक हासिल किए हैं। आइची-नागोया एशियाई खेल 2026 में भारत इन पारंपरिक रूप से मजबूत खेलों के माध्यम से अपने पदक प्रदर्शन को आगे बढ़ाने का प्रयास करेगा।
एशियाई खेलों में भारत की पदक यात्रा में एथलेटिक्स, शूटिंग, कुश्ती, कबड्डी और टेनिस का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। हांग्ज़ौ 2022 तक के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, एथलेटिक्स भारत का सर्वाधिक पदक दिलाने वाला खेल है, जिसमें 283 पदक शामिल हैं। इसके बाद शूटिंग के 80 और कुश्ती के 65 पदक हैं। ये खेल कई दशकों से भारतीय दल के पदक प्रदर्शन का आधार रहे हैं।
एथलेटिक्स—भारत का सबसे बड़ा पदक आधार:
एथलेटिक्स में भारत ने अब तक 85 स्वर्ण, 102 रजत और 96 कांस्य सहित कुल 283 पदक जीते हैं। मिल्खा सिंह, पी.टी. उषा और नीरज चोपड़ा जैसे खिलाड़ियों ने एशियाई खेलों में भारत की पहचान मजबूत की है। विशेष रूप से नीरज चोपड़ा ने जकार्ता 2018 और हांग्ज़ौ 2022 में पुरुष भाला फेंक में स्वर्ण पदक जीता। UPSC के लिए एथलेटिक्स को भारत की दीर्घकालिक खेल उपलब्धियों और खेल प्रतिभा विकास से जोड़कर पढ़ना उपयोगी है।
शूटिंग और कुश्ती का योगदान:
शूटिंग में भारत ने 16 स्वर्ण, 30 रजत और 34 कांस्य सहित 80 पदक जीते हैं। जसपाल राणा, रोंजन सोढ़ी और सिफ्ट कौर समरा जैसे निशानेबाजों ने एशियाई खेलों में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। वहीं कुश्ती में भारत के खाते में 11 स्वर्ण, 15 रजत और 39 कांस्य सहित 65 पदक हैं। योगेश्वर दत्त और बजरंग पुनिया जैसे खिलाड़ियों ने एशियाई खेलों में भारत के प्रदर्शन को मजबूत किया है।
कबड्डी—स्वर्ण पदकों में विशेष योगदान:
कबड्डी में भारत ने 13 पदक जीते हैं, जिनमें 11 स्वर्ण शामिल हैं। पुरुष कबड्डी को 1990 से एशियाई खेलों में शामिल किया गया, जबकि महिला कबड्डी को 2010 में शामिल किया गया। भारत ने हांग्ज़ौ 2022 में पुरुष और महिला दोनों वर्गों में स्वर्ण पदक जीते। यह भारत के पारंपरिक खेलों की अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को दर्शाता है।
टेनिस और भारतीय खेल विरासत:
एशियाई खेलों में भारत ने टेनिस में 10 स्वर्ण, 7 रजत और 17 कांस्य सहित कुल 34 पदक जीते हैं। लिएंडर पेस एशियाई खेलों में भारत के प्रमुख टेनिस खिलाड़ियों में रहे हैं और उन्होंने विभिन्न संस्करणों में पांच स्वर्ण पदक जीते। रोहन बोपन्ना और दिविज शरण ने जकार्ता 2018 में पुरुष युगल में स्वर्ण पदक हासिल किया था। यह उपलब्धि भारतीय टेनिस की निरंतरता और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा को दर्शाती है।
एशियाई खेल 2026 का महत्व:
आइची-नागोया एशियाई खेल 2026 का आयोजन जापान में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक प्रस्तावित है। भारत हांग्ज़ौ 2022 में रिकॉर्ड 107 पदकों के प्रदर्शन के बाद इस संस्करण में भाग ले रहा है। 2026 खेलों में भारत की ऐतिहासिक रूप से मजबूत विधाओं—एथलेटिक्स, शूटिंग, कुश्ती, कबड्डी और टेनिस—पर विशेष ध्यान रहेगा। UPSC के लिए यह विषय खेल कूटनीति, अंतरराष्ट्रीय खेल संगठन, भारत की खेल नीति, महिला खिलाड़ियों की भागीदारी, खेलों में निवेश तथा भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा जैसे व्यापक मुद्दों से जुड़ता है।