संगीत निर्देशक शांतनु मोइत्रा को राष्ट्रीय लता मंगेशकर पुरस्कार 2026 से किया जाएगा सम्मानित
मध्य प्रदेश सरकार ने प्रसिद्ध संगीत निर्देशक शांतनु मोइत्रा को संगीत निर्देशन में योगदान के लिए राष्ट्रीय लता मंगेशकर पुरस्कार 2026 देने की घोषणा की है, जिसमें ₹5 लाख की कर-मुक्त राशि और प्रशस्ति-पत्र शामिल है। यह पुरस्कार 28 सितंबर 2026 को इंदौर में लता मंगेशकर जयंती के अवसर पर प्रदान किया जाएगा, जबकि दो दिवसीय समारोह 27 सितंबर से शुरू होगा। शांतनु मोइत्रा ने परिणीता, 3 इडियट्स, पीकू, अक्टूबर और 12वीं फेल जैसी फिल्मों में संगीत एवं बैकग्राउंड स्कोर दिया है तथा उन्हें 2014 में ना बंगारू तल्ली के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था। लता मंगेशकर पुरस्कार की स्थापना मध्य प्रदेश सरकार ने 1984 में संगीत के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान को सम्मानित करने के लिए की थी।
मध्य प्रदेश सरकार ने प्रसिद्ध संगीत निर्देशक एवं बैकग्राउंड स्कोर कंपोजर शांतनु मोइत्रा को संगीत निर्देशन के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए राष्ट्रीय लता मंगेशकर पुरस्कार 2026 प्रदान करने की घोषणा की है। यह पुरस्कार 28 सितंबर 2026 को इंदौर में आयोजित समारोह में दिया जाएगा। पुरस्कार में प्रशस्ति-पत्र के साथ 5 लाख रुपये की कर-मुक्त नकद राशि शामिल है।
पुरस्कार समारोह और लता मंगेशकर जयंती:
पुरस्कार समारोह लता मंगेशकर सभागार, इंदौर में आयोजित होगा। दो दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत 27 सितंबर को ‘अमर लता हमारी लता...’ नामक संगीत कार्यक्रम से होगी। 28 सितंबर को पुरस्कार वितरण के साथ संगीत जोड़ी सचेत-परंपरा की प्रस्तुति होगी। दोनों दिन के कार्यक्रम आम जनता के लिए निःशुल्क रखे गए हैं।
शांतनु मोइत्रा का संगीत योगदान:
शांतनु मोइत्रा का जन्म 22 जनवरी 1968 को लखनऊ में हुआ था। फिल्मों में आने से पहले उन्होंने विज्ञापन क्षेत्र में काम किया। उन्होंने परिणीता, हजारों ख्वाहिशें ऐसी, लगे रहो मुन्ना भाई, 3 इडियट्स, मद्रास कैफे, पीकू, अक्टूबर और 12वीं फेल जैसी फिल्मों के लिए संगीत एवं बैकग्राउंड स्कोर तैयार किया। उनके संगीत में भारतीय लोक-संगीत और मधुर धुनों का प्रयोग प्रमुख रूप से दिखाई देता है।
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित:
शांतनु मोइत्रा को 2014 में तेलुगु फिल्म ‘ना बंगारू तल्ली’ के लिए सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशन (बैकग्राउंड स्कोर) की श्रेणी में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था। यह उपलब्धि भारतीय सिनेमा में उनके संगीत निर्देशन के योगदान को दर्शाती है।
लता मंगेशकर पुरस्कार का इतिहास:
लता मंगेशकर पुरस्कार की स्थापना मध्य प्रदेश सरकार ने 1984 में संगीत के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान को सम्मानित करने के उद्देश्य से की थी। यह पुरस्कार महान भारतीय पार्श्व गायिका लता मंगेशकर की संगीत विरासत से जुड़ा है। लता मंगेशकर का जन्म 28 सितंबर 1929 को इंदौर, मध्य प्रदेश में हुआ था। इसलिए उनके जन्मदिवस के अवसर पर इंदौर में आयोजित यह समारोह विशेष सांस्कृतिक महत्व रखता है।
UPSC के लिए महत्व:
यह समाचार भारतीय कला एवं संस्कृति, संगीत परंपरा, राष्ट्रीय पुरस्कार, राज्य सरकारों द्वारा दिए जाने वाले सांस्कृतिक सम्मान तथा भारतीय सिनेमा से संबंधित है। लता मंगेशकर को भारत रत्न, दादासाहेब फाल्के पुरस्कार और तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार सहित अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया गया था। UPSC में इस प्रकार के समाचारों से पुरस्कार की स्थापना, संबंधित व्यक्तित्व, कला क्षेत्र और पुरस्कार प्रदान करने वाली संस्था से जुड़े तथ्य पूछे जा सकते हैं।