एशियाई खेल 2026 में भारत का शानदार प्रदर्शन: कबड्डी में डबल गोल्ड, एथलेटिक्स व शूटिंग में महत्वपूर्ण पदक
26 सितंबर 2026 को एशियाई खेलों में भारत ने 7 पदक—2 स्वर्ण, 3 रजत और 2 कांस्य—जीते, जिससे कुल पदकों की संख्या 30 हो गई। भारत ने पुरुष और महिला कबड्डी में ईरान को हराकर दो स्वर्ण पदक हासिल किए। सावन बरवाल ने मैराथन में राष्ट्रीय रिकॉर्ड के साथ रजत और तजिंदरपाल सिंह तूर ने शॉट पुट में रजत पदक जीता। महिला 50 मीटर राइफल 3P टीम ने रजत जीता, जबकि हॉकी, बैडमिंटन और स्क्वैश में भी भारत ने महत्वपूर्ण प्रगति की।
26 सितंबर 2026 को जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियाई खेलों के सातवें दिन भारत ने 7 पदक—2 स्वर्ण, 3 रजत और 2 कांस्य जीते। इस दिन के प्रदर्शन के बाद भारत के कुल पदकों की संख्या 30 (4 स्वर्ण, 12 रजत और 14 कांस्य) हो गई।
कबड्डी में दोहरा स्वर्ण:
भारतीय पुरुष और महिला कबड्डी टीमों ने क्रमशः ईरान को 40-34 और 37-34 से हराकर स्वर्ण पदक जीते। पुरुष टीम का यह एशियाई खेलों में लगातार दूसरा स्वर्ण था, जबकि महिला टीम ने अपना चौथा स्वर्ण पदक हासिल किया। यह भारत-ईरान की कबड्डी प्रतिद्वंद्विता को भी रेखांकित करता है।
एथलेटिक्स में सावन बरवाल की उपलब्धि:
भारतीय धावक सावन बरवाल ने पुरुष मैराथन में 2:11:37 के समय के साथ रजत पदक जीता और नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। यह उपलब्धि विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे एशियाई खेलों की पुरुष मैराथन में भारत के 1982 के बाद पदक के लंबे अंतराल का अंत हुआ। जापान के इचिताका यामाशिता ने स्वर्ण पदक जीता।
शॉट पुट में तजिंदरपाल सिंह तूर का रजत:
तजिंदरपाल सिंह तूर ने पुरुष शॉट पुट में 20.64 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ रजत पदक जीता। इससे पहले वह 2018 जकार्ता और 2022 हांगझोऊ एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। यह उपलब्धि एशियाई खेलों में उनकी निरंतरता और भारतीय एथलेटिक्स की मजबूती को दर्शाती है।
शूटिंग में महिला 50 मीटर राइफल 3P टीम का रजत:
तिलोत्तमा सेन, विदरसा विनोद कोचलुमकल और आशी चौकसे की भारतीय टीम ने महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3-पोजीशन टीम स्पर्धा में 1763 अंक हासिल कर रजत पदक जीता। चीन ने 1773 अंकों के साथ स्वर्ण और कजाखस्तान ने 1754 अंकों के साथ कांस्य पदक जीता। इस स्पर्धा में घुटने टेककर, लेटकर और खड़े होकर शूटिंग की जाती है।
अन्य खेलों में भारत की प्रगति:
भारत ने हॉकी, बैडमिंटन, स्क्वैश, बॉक्सिंग, तीरंदाजी और एथलेटिक्स सहित कई खेलों में महत्वपूर्ण प्रदर्शन किया। पुरुष हॉकी टीम ने जापान को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई, जबकि अनाहत सिंह और अभय सिंह ने स्क्वैश के फाइनल में प्रवेश किया। यह प्रदर्शन भारत में खेलों के विविधीकरण, उच्च-स्तरीय प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता के व्यापक संदर्भ को दर्शाता है।