ग्लोबल कूलिंग प्लेज 2026: सतत शीतलन और हीट-रेजिलिएंस को बढ़ावा, पहले ‘कूल लीडर्स’ सम्मान प्रदान
सितंबर 2026 में सिंगापुर में आयोजित Global Cooling Pledge Assembly में पहली बार Cool Leaders Awards प्रदान किए गए, जिसमें सिंगापुर और UAE को सतत शीतलन के लिए सम्मानित किया गया। UNEP के नेतृत्व वाला Cool Coalition 2019 में शुरू किया गया वैश्विक बहु-हितधारक नेटवर्क है, जो ऊर्जा-कुशल और जलवायु-अनुकूल शीतलन को बढ़ावा देता है। Global Cooling Pledge को COP28 (2023) में शुरू किया गया, जिसका लक्ष्य 2050 तक cooling-related emissions में 68% कमी और 2030 तक AC की औसत ऊर्जा दक्षता में 50% सुधार करना है। बढ़ते तापमान और हीटवेव के बीच passive cooling, energy efficiency, climate-friendly refrigerants और nature-based solutions सतत शीतलन के प्रमुख उपाय हैं।
सितंबर 2026 में सिंगापुर में आयोजित Global Cooling Pledge Assembly में पहली बार Cool Leaders Awards प्रदान किए गए। UNEP-नेतृत्व वाले Cool Coalition ने अत्यधिक गर्मी से लोगों की सुरक्षा और सतत शीतलन को बढ़ावा देने में नेतृत्व के लिए सिंगापुर और संयुक्त अरब अमीरात को सम्मानित किया।
कूल लीडर्स की भूमिका:
सिंगापुर को पैसिव कूलिंग और हीट-रेजिलिएंस, जबकि UAE को डिस्ट्रिक्ट कूलिंग तथा वैश्विक जलवायु एवं विकास नीति में शीतलन को शामिल करने के लिए मान्यता मिली। Cool Leaders एक वर्ष तक अपने अनुभव और प्रभाव के माध्यम से टिकाऊ शीतलन समाधानों को बढ़ावा देने में योगदान देते हैं।
UNEP Cool Coalition:
यह एक वैश्विक बहु-हितधारक नेटवर्क है, जिसे 2019 के UN Climate Action Summit की पहल के रूप में शुरू किया गया था। इसमें सरकारों, शहरों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों, व्यवसायों, वित्तीय संस्थानों, अकादमिक संस्थानों और नागरिक समाज जैसे विभिन्न हितधारक शामिल हैं। इसका प्रमुख उद्देश्य ऊर्जा-कुशल एवं जलवायु-अनुकूल शीतलन व्यवस्था को बढ़ावा देना है।
Global Cooling Pledge:
इसे COP28, 2023 में UAE की COP28 अध्यक्षता और UNEP-led Cool Coalition ने शुरू किया था। यह शीतलन क्षेत्र से होने वाले जलवायु प्रभाव को कम करने के लिए पहला सामूहिक वैश्विक प्रयास है। इसके तहत 2050 तक 2022 के स्तर की तुलना में cooling-related emissions में कम-से-कम 68% कमी, 2030 तक सतत शीतलन की पहुंच बढ़ाने तथा नए एयर-कंडीशनिंग उपकरणों की औसत ऊर्जा दक्षता में 50% सुधार का लक्ष्य रखा गया है।
सतत शीतलन क्यों महत्वपूर्ण है?
बढ़ते वैश्विक तापमान, शहरीकरण और हीटवेव के कारण एयर-कंडीशनिंग एवं अन्य cooling systems की मांग तेजी से बढ़ रही है। UNEP के अनुसार, वर्तमान प्रवृत्तियां जारी रहने पर 2050 तक दुनिया में एयर-कंडीशनरों की संख्या लगभग 5.6 अरब तक पहुंच सकती है। इसलिए केवल अधिक AC लगाने के बजाय passive cooling, energy efficiency, climate-friendly refrigerants और nature-based solutions को अपनाना आवश्यक है।
भारत एवं UPSC के लिए महत्व:
सतत शीतलन भारत जैसे उष्णकटिबंधीय एवं तेजी से शहरीकरण वाले देश के लिए जलवायु अनुकूलन, ऊर्जा सुरक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य और शहरी नियोजन से सीधे जुड़ा विषय है। भारत में भी UNEP Cool Coalition और भारत के Ministry of Housing and Urban Affairs (MoHUA) के सहयोग से शहरों के लिए sustainable cooling कार्यक्रम विकसित किया जा रहा है। UPSC में इसे GS-3 (पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा एवं सतत विकास), GS-2 (अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं) और Essay से जोड़ा जा सकता है।