विश्व ज्ञान मंच 2026 में AI और मानव–मशीन सह-बुद्धिमत्ता पर वैश्विक विमर्श
विश्व ज्ञान मंच (WKF) का 27वाँ संस्करण 8–10 सितंबर 2026 तक दक्षिण कोरिया के सियोल में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें वैश्विक आर्थिक और तकनीकी बदलावों पर चर्चा हो रही है। 2026 की थीम “Promethean Moment: Building a Co-Intelligence Order” है, जिसमें मानव और मशीन के बीच सहयोग पर विशेष जोर दिया गया है। फोरम में AI से जुड़े रोजगार, असमानता, निजता, राष्ट्रीय सुरक्षा और नैतिकता जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। इसके साथ क्वांटम कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा, AI Glasses और Augmented Reality जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों को भी भविष्य की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।
विश्व ज्ञान मंच (World Knowledge Forum–WKF) का 27वाँ संस्करण 8–10 सितंबर 2026 तक दक्षिण कोरिया के सियोल में आयोजित किया जा रहा है। यह तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन है, जिसमें राजनीतिक नेता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, शिक्षाविद और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ वैश्विक आर्थिक एवं तकनीकी बदलावों पर चर्चा करते हैं। आयोजन जांगचुंग एरेना और द शिला सियोल में किया गया।
2026 की थीम—‘Promethean Moment’
विश्व ज्ञान मंच 2026 की थीम “Promethean Moment: Building a Co-Intelligence Order” है। इसका केंद्रीय विचार तेजी से विकसित हो रही AI तकनीक के बीच मानव और मशीन के बीच सहयोग पर आधारित नई व्यवस्था विकसित करना है। फोरम में वैश्विक अर्थव्यवस्था, नवाचार, सार्वजनिक नीति और तकनीकी परिवर्तन से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
AI और ‘Co-Intelligence’ की अवधारणा
फोरम में AI को केवल मानव श्रम के स्वचालन (Automation) के माध्यम के रूप में देखने के बजाय मानव–मशीन सहयोग (Human-Machine Collaboration) पर जोर दिया गया। Co-Intelligence का अर्थ है कि मनुष्य और बुद्धिमान मशीनें अपनी-अपनी क्षमताओं का उपयोग करके निर्णय लेने, उत्पादकता और समस्या-समाधान को बेहतर बनाएं। यह अवधारणा भविष्य के कार्यस्थल और अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।
AI से जुड़े सामाजिक एवं नैतिक प्रश्न
AI के बढ़ते उपयोग से रोजगार विस्थापन, असमानता, मानव अलगाव, निजता, जवाबदेही और नैतिक निर्णय जैसे प्रश्न उभर रहे हैं। फोरम में AI के राष्ट्रीय सुरक्षा, श्रम बाजार और वैश्विक आर्थिक प्रतिस्पर्धा पर प्रभावों पर भी चर्चा की गई। इसलिए AI शासन में Innovation और Regulation के बीच संतुलन महत्वपूर्ण है।
उभरती प्रौद्योगिकियों पर विशेष ध्यान
WKF 2026 में AI के साथ-साथ क्वांटम कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा, AI Glasses और Augmented Reality (AR) जैसी उभरती तकनीकों पर भी सत्र आयोजित किए गए। इन तकनीकों का विकास भविष्य की अर्थव्यवस्था, रक्षा, संचार और डिजिटल सुरक्षा को प्रभावित कर सकता है। इससे स्पष्ट होता है कि वैश्विक तकनीकी प्रतिस्पर्धा अब केवल AI तक सीमित नहीं है।
भारत और UPSC के लिए महत्व
भारत जैसे विकासशील देश के लिए AI का महत्व Digital Economy, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, शासन और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है। UPSC में इस विषय को GS Paper-II में AI Governance एवं सार्वजनिक नीति और GS Paper-III में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा, रोजगार तथा आर्थिक विकास के संदर्भ में उपयोग किया जा सकता है। Essay में “AI: मानव का विकल्प या सहयोगी?” जैसे विषयों के लिए भी यह एक उपयोगी समसामयिक उदाहरण है।