विश्व रोगी सुरक्षा दिवस 2026: गैर-संचारी रोगों के सुरक्षित उपचार पर WHO का जोर
विश्व रोगी सुरक्षा दिवस प्रत्येक वर्ष 17 सितंबर को स्वास्थ्य सेवाओं में रोगी सुरक्षा और रोकथाम योग्य हानि के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। 2026 की थीम “Safe care for noncommunicable diseases” और स्लोगन “Safe care for life!” है, जिसमें NCDs के सुरक्षित एवं निरंतर उपचार पर जोर है। NCDs के दीर्घकालिक उपचार में रोकथाम, निदान, उपचार और स्व-देखभाल के विभिन्न चरणों में रोगी सुरक्षा से जुड़े जोखिम उत्पन्न हो सकते हैं। WHO ने प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल, सुरक्षित निदान, दवा सुरक्षा तथा रोगी एवं समुदाय की भागीदारी को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया है।
विश्व रोगी सुरक्षा दिवस (World Patient Safety Day) प्रत्येक वर्ष 17 सितंबर को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं में रोगियों की सुरक्षा के प्रति वैश्विक जागरूकता बढ़ाना और स्वास्थ्य देखभाल के दौरान होने वाली रोकथाम योग्य हानि (avoidable harm) को कम करने के लिए कार्रवाई को बढ़ावा देना है।
2026 की थीम:
वर्ष 2026 में विश्व रोगी सुरक्षा दिवस का मुख्य विषय “Safe care for noncommunicable diseases” रखा गया है और इसका स्लोगन “Safe care for life!” है। इस वर्ष विशेष ध्यान गैर-संचारी रोगों (NCDs) से पीड़ित लोगों को सुरक्षित एवं निरंतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर है।
NCDs में रोगी सुरक्षा की चुनौती:
गैर-संचारी रोगों में अक्सर लंबे समय तक उपचार और कई स्तरों पर स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता होती है। इसलिए रोकथाम, निदान, उपचार, दीर्घकालिक प्रबंधन और स्व-देखभाल के विभिन्न चरणों में रोगी सुरक्षा से जुड़े जोखिम उत्पन्न हो सकते हैं। स्वास्थ्य प्रणाली की कमियां और स्वास्थ्य के व्यापक सामाजिक निर्धारक भी इन जोखिमों को प्रभावित करते हैं।
प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल पर जोर:
WHO ने NCDs के सुरक्षित उपचार के लिए Primary Health Care (PHC) आधारित स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने तथा जटिल उपचार प्रक्रियाओं से जुड़े जोखिमों को कम करने पर जोर दिया है। इसके साथ स्वास्थ्य सेवाओं में सुरक्षित निदान, दवा सुरक्षा (medication safety) और रोगियों की सार्थक भागीदारी को मजबूत करने की आवश्यकता बताई गई है।
रोगी एवं समुदाय की भागीदारी:
2026 के अभियान में NCDs से प्रभावित लोगों और समुदायों को केवल स्वास्थ्य सेवाओं के लाभार्थी के रूप में नहीं, बल्कि सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाओं के निर्माण में भागीदार के रूप में शामिल करने पर जोर दिया गया है। WHO के अनुसार, रोगियों के अनुभवों को स्वास्थ्य सेवाओं की योजना और संचालन में शामिल करना रोगी सुरक्षा को बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है।
UPSC के लिए महत्व:
यह विषय सार्वजनिक स्वास्थ्य, गैर-संचारी रोग, प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल, स्वास्थ्य प्रणाली, Universal Health Coverage (UHC) और स्वास्थ्य के सामाजिक निर्धारकों से जुड़ा है। UPSC के लिए विशेष रूप से यह समझना महत्वपूर्ण है कि NCDs के दीर्घकालिक उपचार में केवल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है; सुरक्षित निदान, दवा सुरक्षा, निरंतर देखभाल, रोगी भागीदारी और मजबूत प्राथमिक स्वास्थ्य प्रणाली भी आवश्यक हैं।