80वें स्वतंत्रता दिवस पर ‘विकसित भारत 2047’ के लिए AI, सेमीकंडक्टर, परमाणु ऊर्जा और महिला सशक्तिकरण का राष्ट्रीय एजेंडा
प्रधानमंत्री ने अगले एक वर्ष में 1 करोड़ युवाओं को AI प्रशिक्षण देने और DPI के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने की घोषणा की। 5–15 वर्ष के बच्चों के लिए राष्ट्रीय खेल प्रतिभा खोज अभियान तथा आधुनिक युद्ध, साइबर खतरों और Critical Infrastructure की सुरक्षा हेतु मजबूत Civil Defence Network विकसित करने पर जोर दिया गया। भारत ने अगले 7–8 वर्षों में 5–8 नए सेमीकंडक्टर संयंत्र और 2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य रखा है, जो तकनीकी व ऊर्जा आत्मनिर्भरता से जुड़ा है। Lakhpati Didi का लक्ष्य बढ़ाकर 6 करोड़ किया गया, जिससे SHGs, महिला उद्यमिता, वित्तीय समावेशन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में Women-led Development को बढ़ावा मिलेगा।
प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि अगले एक वर्ष में 1 करोड़ युवाओं को Artificial Intelligence (AI) में प्रशिक्षित किया जाएगा। इसका उद्देश्य भारत के युवा कार्यबल को तेजी से विकसित हो रही AI अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करना और भारत को वैश्विक AI क्षेत्र में नेतृत्वकारी भूमिका के लिए सक्षम बनाना है। साथ ही, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए Digital Public Infrastructure (DPI) के माध्यम से मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग नेटवर्क विकसित करने की घोषणा की गई। UPSC के लिए यह विषय AI, Future of Work, Skill Development, Digital Divide और Human Capital Formation से जोड़ा जा सकता है।
5–15 वर्ष के बच्चों के लिए राष्ट्रीय खेल प्रतिभा खोज
देशभर के गांवों, शहरों और स्कूलों में 5 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों के बीच राष्ट्रव्यापी खेल प्रतिभा खोज अभियान चलाने की घोषणा की गई। चयनित प्रतिभाओं को विशेष प्रशिक्षण देकर भविष्य के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के रूप में विकसित किया जाएगा। विशेष रूप से उन Olympic disciplines पर ध्यान दिया जाएगा, जिनमें भारत की वर्तमान भागीदारी या योग्यता सीमित है। UPSC के संदर्भ में इसे मानव पूंजी, युवा नीति, खेल शासन, grassroots development और Olympic preparedness से जोड़कर समझना उपयोगी है।
आधुनिक युद्ध के लिए नागरिक सुरक्षा नेटवर्क
प्रधानमंत्री ने बदलते युद्ध के स्वरूप को देखते हुए देश में एक सशक्त Civil Defence Network विकसित करने की घोषणा की। आधुनिक संघर्ष केवल सीमा तक सीमित नहीं हैं; बैंकिंग प्रणाली, डेटा सेंटर, रिफाइनरी, कारखाने और अन्य critical infrastructure भी प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए नागरिकों को आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों से परिचित कराने और बड़े स्वयंसेवी Civil Defence बल के निर्माण पर जोर दिया गया। UPSC GS-III में इसे National Security, Critical Infrastructure Protection, Cyber Warfare, Disaster Management और Whole-of-Society Approach से जोड़ा जा सकता है।
सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता: रणनीतिक तकनीकी सुरक्षा
प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत में तीन सेमीकंडक्टर संयंत्रों में उत्पादन शुरू हो चुका है और आने वाले 7–8 वर्षों में 5 से 8 और संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य है। सेमीकंडक्टर आधुनिक अर्थव्यवस्था के आधारभूत घटक हैं और इनका उपयोग मोबाइल, ऑटोमोबाइल, AI, रक्षा, दूरसंचार तथा डेटा सेंटर जैसी रणनीतिक तकनीकों में होता है। इसलिए घरेलू semiconductor ecosystem विकसित करना केवल आर्थिक विकास का विषय नहीं बल्कि technological sovereignty, supply-chain resilience और national security से भी जुड़ा है। UPSC में इसे India Semiconductor Mission, आत्मनिर्भर भारत और वैश्विक chip supply chains के संदर्भ में पढ़ना चाहिए।
2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता
बढ़ती ऊर्जा मांग, विशेषकर AI, semiconductor manufacturing और data centres के कारण प्रधानमंत्री ने ऊर्जा सुरक्षा में परमाणु ऊर्जा की भूमिका पर जोर दिया। भारत ने 2047 तक 100 GW nuclear power capacity का लक्ष्य रखा है तथा इस दशक में 5 नए nuclear reactors शुरू करने की योजना बताई गई है। साथ ही, Fast Breeder Nuclear Technology में भारत की प्रगति को परमाणु ईंधन में आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया। UPSC GS-III के लिए यह विषय Energy Security, Clean Energy Transition, Nuclear Technology, Three-Stage Nuclear Power Programme और Energy Transition से संबंधित है।
6 करोड़ लखपति दीदियों का लक्ष्य: महिला-नेतृत्व वाला ग्रामीण परिवर्तन
सरकार ने Lakhpati Didi का लक्ष्य बढ़ाकर 6 करोड़ करने की घोषणा की। लखपति दीदी का संबंध मुख्य रूप से Self-Help Groups (SHGs) और Deendayal Antyodaya Yojana–National Rural Livelihoods Mission (DAY-NRLM) से है। इसका उद्देश्य महिलाओं की आय, कौशल, वित्तीय पहुंच और उद्यमिता को बढ़ाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। सरकार के अनुसार पहले निर्धारित 3 करोड़ का लक्ष्य पार किया जा चुका है, इसलिए अब अतिरिक्त 3 करोड़ महिलाओं को इस श्रेणी में लाने का लक्ष्य रखा गया है। UPSC में इसे Women-led Development, SHGs, Financial Inclusion, Rural Livelihoods, Poverty Alleviation और Inclusive Growth से जोड़ा जा सकता है।
