‘गोंधल’ बनी 99वें ऑस्कर के लिए भारत की आधिकारिक फिल्म प्रविष्टि
भारतीय फिल्म महासंघ ने 18 सितंबर 2026 को संतोष दावखर निर्देशित मराठी फिल्म ‘गोंधल’ को 99वें अकादमी पुरस्कारों के लिए भारत की आधिकारिक प्रविष्टि चुना। कुल 33 फिल्मों में से चयनित ‘गोंधल’ को Best International Feature Film श्रेणी में भारत का प्रतिनिधित्व करना है। फिल्म महाराष्ट्र की पारंपरिक गोंधल लोक एवं धार्मिक प्रदर्शन कला को आधुनिक कहानी के साथ जोड़ती है और लोक संस्कृति के संरक्षण को दर्शाती है। फिल्म में किशोर कदम, इशिता देशमुख सहित कलाकार हैं और इसका संगीत इलैयाराजा ने तैयार किया है; इसे विभिन्न फिल्म महोत्सवों में सम्मान भी मिला है।
भारतीय फिल्म महासंघ (Film Federation of India) ने 18 सितंबर 2026 को संतोष दावखर द्वारा निर्देशित मराठी फिल्म ‘गोंधल’ को 99वें अकादमी पुरस्कारों के लिए भारत की आधिकारिक प्रविष्टि के रूप में चुना। फिल्म को Best International Feature Film श्रेणी के लिए भारत का प्रतिनिधित्व करने हेतु भेजा जाएगा। यह फिल्म महाराष्ट्र की पारंपरिक गोंधल लोक कला की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि पर आधारित है।
33 फिल्मों में से हुआ चयन:
भारत की आधिकारिक ऑस्कर प्रविष्टि के चयन के लिए कुल 33 फिल्मों पर विचार किया गया। इनमें 14 हिंदी, 4-4 मराठी, तेलुगु और गुजराती, 3 तमिल तथा 1-1 मलयालम और नागामी भाषा की फिल्म शामिल थी। चयन प्रक्रिया में विभिन्न भारतीय भाषाओं की फिल्मों की भागीदारी भारत की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को दर्शाती है। ‘अंग’ और ‘डोरोथी’ जैसी फिल्में भी चयन के लिए प्रतिस्पर्धा में थीं।
फिल्म की कहानी और सांस्कृतिक आधार:
‘गोंधल’ एक थ्रिलर फिल्म है जिसकी कहानी सुमन नामक विवाहित महिला के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म में प्रेम, इच्छा, विश्वासघात, छल और मानवीय संबंधों की जटिलताओं को प्रस्तुत किया गया है। इसके साथ ही फिल्म महाराष्ट्र की पारंपरिक गोंधल लोक कला को आधुनिक सिनेमाई कथानक से जोड़ती है। इस दृष्टि से यह फिल्म लोक परंपरा और आधुनिक संस्कृति के अंतर्संबंध का उदाहरण है।
गोंधल लोक परंपरा का महत्व:
गोंधल महाराष्ट्र की एक पारंपरिक लोक एवं धार्मिक प्रदर्शन कला परंपरा है, जिसका संबंध विशेष रूप से देवी-देवताओं की आराधना और अनुष्ठानिक प्रस्तुति से रहा है। फिल्म के माध्यम से इस लोक परंपरा को व्यापक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचने का अवसर मिल सकता है। UPSC के लिए यह विषय भारतीय लोक कलाओं, अमूर्त सांस्कृतिक विरासत और क्षेत्रीय परंपराओं के संरक्षण से जोड़ा जा सकता है।
फिल्म, कलाकार और पुरस्कार:
फिल्म में किशोर कदम, इशिता देशमुख, योगेश सोहोनी, निषाद भोइर और अनुज प्रभु जैसे कलाकार शामिल हैं, जबकि संगीत प्रसिद्ध संगीतकार इलैयाराजा ने तैयार किया है। फिल्म को बेंगलुरु और पुणे अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सवों में सम्मान मिला है। संतोष दावखर के पूर्व निर्देशन कार्य को 2025 के अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में सिल्वर पीकॉक पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था। ‘गोंधल’ भारत में 14 नवंबर 2025 को रिलीज हुई थी।
ऑस्कर प्रक्रिया और UPSC महत्व:
99वें अकादमी पुरस्कारों का समारोह 14 मार्च 2027 को लॉस एंजिल्स के Dolby Theatre में आयोजित होना निर्धारित है। महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि किसी फिल्म का भारत की आधिकारिक प्रविष्टि बनना ऑस्कर में नामांकन की गारंटी नहीं है। आधिकारिक प्रविष्टि के बाद अकादमी की अपनी चयन प्रक्रिया होती है। UPSC के लिए यह समाचार भारतीय सिनेमा, लोक कला एवं संस्कृति, सांस्कृतिक कूटनीति, भारतीय भाषाई विविधता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय संस्कृति के प्रतिनिधित्व से संबंधित है।