पश्चिम बंगाल में AB-PMJAY लागू: सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
16 अगस्त 2026 से पश्चिम बंगाल में AB-PMJAY लागू हुई, जिसके तहत पात्र परिवारों को प्रति वर्ष ₹5 लाख का कैशलेस एवं पेपरलेस स्वास्थ्य कवर मिलेगा। यह योजना द्वितीयक एवं तृतीयक उपचार, निर्धारित अस्पताल-पूर्व व अस्पताल-पश्चात खर्चों तथा पात्र पूर्व-मौजूदा बीमारियों को कवर करती है। 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को भी योजना के तहत कवरेज दिया गया है, जिसके लिए Ayushman Vay Vandana Card का प्रावधान है। योजना की राष्ट्रीय पोर्टेबिलिटी, डिजिटल e-KYC और कैशलेस उपचार व्यवस्था Universal Health Coverage, Digital Governance और Out-of-Pocket Expenditure में कमी की दिशा में महत्वपूर्ण है।
16 अगस्त 2026 से पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) लागू की गई है। इसके तहत पात्र परिवारों को प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य कवर प्रदान किया जाता है। यह मुख्यतः द्वितीयक एवं तृतीयक स्तर के अस्पताल में भर्ती और निर्धारित उपचारों के लिए कैशलेस एवं पेपरलेस स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराता है। योजना की एक महत्वपूर्ण विशेषता इसकी राष्ट्रीय पोर्टेबिलिटी है, जिसके कारण पात्र लाभार्थी देश के किसी भी सूचीबद्ध सरकारी या निजी अस्पताल में उपचार करा सकते हैं।
AB-PMJAY की प्रमुख विशेषताएं
AB-PMJAY को 2018 में आयुष्मान भारत के अंतर्गत शुरू किया गया था और इसे National Health Authority (NHA) लागू करता है। योजना के तहत ₹5 लाख प्रति परिवार प्रति वर्ष का Family Floater Cover उपलब्ध है, अर्थात परिवार के एक या अधिक सदस्य इस राशि का उपयोग कर सकते हैं। इसमें अस्पताल में भर्ती से पहले और बाद के निर्धारित खर्च तथा कई पूर्व-मौजूदा बीमारियों को भी पात्रता के अनुसार कवर किया जाता है। योजना का उद्देश्य गंभीर बीमारी के कारण परिवारों पर पड़ने वाले Out-of-Pocket Expenditure (OOPE) को कम करना है।
पात्रता और 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक
मूल PM-JAY में लाभार्थियों की पहचान मुख्य रूप से सामाजिक-आर्थिक एवं जाति जनगणना (SECC) आधारित वंचित परिवारों तथा निर्धारित पात्र श्रेणियों के माध्यम से की गई थी। ग्रामीण क्षेत्रों में भूमिहीन परिवार, कच्चे मकान में रहने वाले तथा कुछ कमजोर सामाजिक-आर्थिक समूहों को पात्रता मिल सकती है, जबकि शहरी क्षेत्रों में विभिन्न असंगठित व्यवसायों से जुड़े श्रमिकों को शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त, 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को AB-PMJAY के तहत स्वास्थ्य कवरेज देने का निर्णय सार्वभौमिक वृद्ध स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे लाभार्थियों के लिए Ayushman Vay Vandana Card का प्रावधान किया गया है।
पश्चिम बंगाल की स्वास्थ्य साथी योजना के साथ संबंध
पश्चिम बंगाल में पहले से Swasthya Sathi नामक राज्य स्वास्थ्य सुरक्षा योजना संचालित है। AB-PMJAY के लागू होने से केंद्र और राज्य की स्वास्थ्य सुरक्षा व्यवस्थाओं के बीच समन्वय का महत्व बढ़ गया है। पात्र लाभार्थियों की पहचान और कार्ड जारी करने में उपलब्ध सरकारी लाभार्थी डेटा का उपयोग किया जा सकता है। यह उदाहरण Cooperative Federalism के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि स्वास्थ्य भारत के संविधान की समवर्ती सूची से संबंधित विषय है और केंद्र तथा राज्य दोनों की भूमिका इसमें महत्वपूर्ण रहती है।
कैशलेस उपचार और डिजिटल स्वास्थ्य प्रशासन
AB-PMJAY में लाभार्थी की पहचान, e-KYC, beneficiary verification, pre-authorisation और claim settlement जैसी प्रक्रियाओं में डिजिटल प्रणालियों का उपयोग किया जाता है। पात्र लाभार्थी सूचीबद्ध अस्पताल में Ayushman Mitra/help desk के माध्यम से उपचार प्राप्त कर सकता है और निर्धारित पैकेज के अंतर्गत उसे अग्रिम भुगतान नहीं करना पड़ता। इस प्रकार योजना Digital Governance और स्वास्थ्य सेवाओं के वित्तीय संरक्षण को जोड़ती है। राष्ट्रीय पोर्टेबिलिटी विशेष रूप से प्रवासी श्रमिकों, छात्रों और दूसरे राज्यों में उपचार कराने वाले परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है।
UPSC के लिए व्यापक महत्व
AB-PMJAY भारत में Universal Health Coverage (UHC) प्राप्त करने के प्रयासों की महत्वपूर्ण कड़ी है। UPSC में इसे Article 21 के अंतर्गत स्वास्थ्य के अधिकार, SDG-3 (Good Health and Well-being), Out-of-Pocket Expenditure, स्वास्थ्य में असमानता, डिजिटल स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जोड़ा जा सकता है। योजना की सफलता केवल बीमा कवरेज पर निर्भर नहीं करती, बल्कि पर्याप्त अस्पताल नेटवर्क, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं, समय पर claim settlement, fraud control और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य अवसंरचना की उपलब्धता भी आवश्यक है। पश्चिम बंगाल में इसका विस्तार भारत के समावेशी एवं वित्तीय रूप से सुरक्षित स्वास्थ्य तंत्र की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
