उन्नत रसायन सेल (ACC) बैटरी निर्माण: भारत की ऊर्जा भंडारण क्षमता को मजबूत करने की नई पहल
भारी उद्योग मंत्रालय ने 10 GWh क्षमता की ACC (Advanced Chemistry Cell) बैटरी निर्माण इकाइयों की स्थापना के लिए वैश्विक निविदाएँ जारी की हैं, जो ₹18,100 करोड़ की PLI योजना का अंतिम चरण है। ACC बैटरियाँ उच्च ऊर्जा घनत्व, लंबी आयु और तेज़ चार्जिंग वाली आधुनिक बैटरियाँ हैं, जिनका उपयोग इलेक्ट्रिक वाहनों, ऊर्जा भंडारण तथा नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में किया जाता है। इस योजना का उद्देश्य घरेलू बैटरी निर्माण को बढ़ावा देकर आयात पर निर्भरता कम करना तथा स्वच्छ ऊर्जा एवं इलेक्ट्रिक वाहन पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाना है। यह पहल मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, ऊर्जा सुरक्षा और हरित ऊर्जा संक्रमण को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
भारी उद्योग मंत्रालय (Ministry of Heavy Industries) ने उन्नत रसायन सेल (Advanced Chemistry Cell-ACC) बैटरी निर्माण के लिए 10 GWh क्षमता स्थापित करने हेतु वैश्विक निविदाएँ (Global Bids) आमंत्रित की हैं। यह ₹18,100 करोड़ की उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजना का अंतिम चरण है। इसका उद्देश्य भारत में विश्वस्तरीय बैटरी निर्माण क्षमता विकसित करना, आयात पर निर्भरता कम करना तथा स्वच्छ ऊर्जा एवं इलेक्ट्रिक वाहन (EV) पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ बनाना है।
ACC बैटरी क्या है?
Advanced Chemistry Cell (ACC) बैटरियाँ उच्च क्षमता वाली आधुनिक रिचार्जेबल ऊर्जा भंडारण बैटरियाँ हैं। ये पारंपरिक बैटरियों की तुलना में अधिक ऊर्जा घनत्व (Energy Density), लंबी आयु, तेज़ चार्जिंग, बेहतर सुरक्षा एवं उच्च दक्षता प्रदान करती हैं। इनका उपयोग मुख्यतः इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs), ग्रिड-स्तरीय ऊर्जा भंडारण, सौर एवं पवन ऊर्जा परियोजनाओं, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स तथा औद्योगिक ऊर्जा भंडारण प्रणालियों में किया जाता है।
PLI योजना की प्रमुख विशेषताएँ
ACC बैटरी PLI योजना को 2021 में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मंजूरी दी गई थी। इसके लिए ₹18,100 करोड़ का वित्तीय प्रावधान किया गया है। योजना का लक्ष्य 50 GWh बैटरी निर्माण क्षमता विकसित करना है, जिसमें 40 GWh क्षमता पहले ही आवंटित की जा चुकी है तथा शेष 10 GWh क्षमता के लिए वर्तमान में वैश्विक बोली प्रक्रिया शुरू की गई है। यह योजना घरेलू एवं वैश्विक कंपनियों को भारत में अत्याधुनिक बैटरी निर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करती है।
भारत के लिए इसका महत्त्व
ACC बैटरियाँ ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) का महत्वपूर्ण आधार हैं। ये सौर एवं पवन जैसी अंतराल आधारित (Intermittent) नवीकरणीय ऊर्जा को संग्रहित कर आवश्यकता के समय उपयोग योग्य बनाती हैं, जिससे बिजली ग्रिड की स्थिरता बढ़ती है। साथ ही, घरेलू बैटरी निर्माण से आयात व्यय में कमी, इलेक्ट्रिक वाहनों की लागत में गिरावट, रोजगार सृजन, तकनीकी आत्मनिर्भरता तथा 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को मजबूती मिलेगी।
UPSC परीक्षा की दृष्टि से महत्त्व
यह विषय GS Paper-3 (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, पर्यावरण, औद्योगिक विकास एवं सरकारी योजनाएँ) के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। परीक्षा में ACC बैटरी, ऊर्जा भंडारण प्रणाली (Energy Storage System), PLI योजना, इलेक्ट्रिक वाहन नीति, नवीकरणीय ऊर्जा, कार्बन न्यूट्रैलिटी एवं हरित ऊर्जा संक्रमण से जुड़े प्रश्न पूछे जा सकते हैं। यह विषय प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा दोनों के लिए उपयोगी है।
