मंदीप के भंडारी बने CBSE के नए अध्यक्ष, शिक्षा प्रशासन में वरिष्ठ स्तर पर महत्वपूर्ण नियुक्ति
केंद्र सरकार ने 2001 बैच के AGMUT कैडर के IAS अधिकारी मंदीप के भंडारी को 25 सितंबर 2026 को CBSE का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। उन्हें केंद्र सरकार के अतिरिक्त सचिव स्तर के पद और वेतनमान में नियुक्त किया गया है। CBSE देश-विदेश के संबद्ध विद्यालयों में बोर्ड परीक्षाओं, विद्यालय संबद्धता, पाठ्यक्रम विकास और शिक्षक प्रशिक्षण जैसे कार्य करता है। यह नियुक्ति NEP 2020, डिजिटल मूल्यांकन, ई-गवर्नेंस और परीक्षा सुधार के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।
केंद्र सरकार ने 2001 बैच के AGMUT कैडर के IAS अधिकारी मंदीप के भंडारी को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह नियुक्ति 25 सितंबर 2026 को कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) के आदेश के माध्यम से की गई। उन्हें केंद्र सरकार के अतिरिक्त सचिव स्तर के पद और वेतनमान में नियुक्त किया गया है।
AGMUT कैडर का महत्व:
AGMUT का पूर्ण रूप Arunachal Pradesh-Goa-Mizoram-Union Territories है। यह एक संयुक्त IAS कैडर है, जिसके अंतर्गत अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम तथा विभिन्न केंद्र शासित प्रदेशों में प्रशासनिक सेवाएं संचालित होती हैं। UPSC के दृष्टिकोण से यह अखिल भारतीय सेवाओं की कैडर व्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण तथ्य है।
CBSE की संवैधानिक एवं प्रशासनिक स्थिति:
CBSE भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अधीन एक राष्ट्रीय स्तर का स्कूली शिक्षा बोर्ड है। यह देश और विदेश में संबद्ध विद्यालयों के लिए माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक स्तर की परीक्षाओं का आयोजन, विद्यालय संबद्धता तथा शैक्षणिक मानकों से संबंधित कार्य करता है।
CBSE के प्रमुख कार्य:
CBSE के प्रमुख कार्यों में कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन, विद्यालयों को संबद्धता प्रदान करना, पाठ्यक्रम विकसित एवं संशोधित करना, शिक्षक प्रशिक्षण, शैक्षणिक कार्यक्रमों का संचालन और परीक्षा प्रणाली में सुधार शामिल हैं। बोर्ड राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप स्कूली शिक्षा में विभिन्न सुधारों को लागू करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
डिजिटल मूल्यांकन और प्रशासनिक सुधार:
CBSE में On-Screen Marking (OSM) जैसी डिजिटल तकनीकों का उपयोग उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को अधिक तकनीक-आधारित बनाने के लिए किया जा रहा है। 2026 में OSM प्रणाली से संबंधित प्रशासनिक एवं खरीद प्रक्रिया की समीक्षा के लिए समिति गठित किए जाने की खबरों के बीच यह नई नियुक्ति हुई है। यह घटना ई-गवर्नेंस, डिजिटल शिक्षा और परीक्षा सुधार के व्यापक संदर्भ में महत्वपूर्ण है।
UPSC के लिए व्यापक महत्व:
यह नियुक्ति भारत में शिक्षा प्रशासन, संस्थागत शासन और प्रशासनिक सुधारों को समझने के लिए महत्वपूर्ण है। UPSC अभ्यर्थियों के लिए इससे जुड़े प्रमुख आयाम हैं—शिक्षा मंत्रालय एवं CBSE की भूमिका, AGMUT कैडर, कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC), NEP 2020, डिजिटल मूल्यांकन तथा परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता। ये विषय GS-II में शासन एवं सामाजिक क्षेत्र, तथा शिक्षा से संबंधित नीतिगत प्रश्नों के संदर्भ में उपयोगी हो सकते हैं।