आंध्र प्रदेश पुलिस ने CDMP और SafeStay AP लॉन्च किए: AI एवं ड्रोन तकनीक से स्मार्ट पुलिसिंग को बढ़ावा
आंध्र प्रदेश पुलिस ने 22 सितंबर 2026 को गुंटूर में अपराध रोकथाम और निगरानी के लिए CDMP तथा SafeStay AP डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किए। CDMP के जरिए पुलिस ड्रोन की लाइव फीड, AI-आधारित निगरानी और विश्लेषण को एक केंद्रीकृत प्लेटफॉर्म पर संचालित किया जाएगा। SafeStay AP होटल और PG में रहने वाले लोगों की occupancy information उपलब्ध कराकर सुरक्षा एवं पुलिस समन्वय को मजबूत करेगा। यह पहल AI, ड्रोन, डेटा-आधारित पुलिसिंग और डिजिटल फोरेंसिक के माध्यम से preventive policing और situational awareness को बढ़ावा देती है।
आंध्र प्रदेश पुलिस ने 22 सितंबर 2026 को गुंटूर में अपराध की रोकथाम, निगरानी और पुलिसिंग को अधिक तकनीक-सक्षम बनाने के लिए दो नए डिजिटल उपकरण लॉन्च किए—Centralised Drone Monitoring Portal (CDMP) और SafeStay AP Application। इनका उद्देश्य पुलिस को रियल-टाइम सूचना उपलब्ध कराकर preventive policing और situational awareness को मजबूत करना है।
Centralised Drone Monitoring Portal (CDMP):
CDMP के माध्यम से राज्य में पुलिसिंग के लिए उपयोग किए जा रहे अधिकृत ड्रोनों की लाइव फीड को एक केंद्रीकृत प्लेटफॉर्म पर देखा जा सकता है। इससे अलग-अलग ड्रोन समूहों की निगरानी के बजाय एकीकृत इंटरफेस के माध्यम से निगरानी संभव होगी। पोर्टल में AI-based surveillance और analytics का भी उपयोग किया गया है, जिससे घटनास्थल की स्थिति का तेजी से आकलन करने में मदद मिलेगी।
CDMP की प्रमुख विशेषताएँ:
CDMP में active police drones की live monitoring, Role-Based Access Control (RBAC), AI-powered surveillance एवं analytics और real-time drone feeds जैसी सुविधाएँ शामिल हैं। यह तकनीक पुलिस को भीड़ प्रबंधन, आपातकालीन परिस्थितियों, अपराध की रोकथाम और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी में बेहतर situational awareness उपलब्ध करा सकती है।
SafeStay AP Application:
SafeStay AP का उद्देश्य राज्य के होटलों और Paying Guest (PG) accommodations में रहने वाले लोगों से संबंधित occupancy information को पुलिस के लिए अधिक व्यवस्थित और सुलभ बनाना है। इससे सुरक्षा संबंधी घटनाओं के दौरान पुलिस एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय तथा संदिग्ध गतिविधियों की पहचान में सहायता मिल सकती है। यह पहल technology-enabled policing और data-driven crime prevention की दिशा में महत्वपूर्ण है।
पुलिसिंग में AI और डिजिटल तकनीक का विस्तार:
आंध्र प्रदेश पुलिस ने महिला सुरक्षा, नशीले पदार्थों की रोकथाम, यातायात प्रबंधन, अपराध जांच और preventive policing जैसे क्षेत्रों में तकनीक के उपयोग पर जोर दिया है। पुलिस ने हाल ही में अपराध स्थल से साक्ष्य संग्रह को बेहतर बनाने के लिए 26 mobile forensic vehicles भी शुरू किए थे। इन पहलों से पुलिसिंग में AI, drones, digital databases और mobile forensic technology के बढ़ते उपयोग को समझा जा सकता है।
UPSC के लिए महत्व:
यह समाचार GS Paper-II – Governance & e-Governance तथा GS Paper-III – Internal Security, Cyber Security और Science & Technology से जुड़ा है। UPSC के लिए इसे Smart Policing, AI in Governance, Drone Technology, Data-driven Policing, Digital Forensics, Privacy और Citizen-centric Police Services के संदर्भ में पढ़ना उपयोगी है। साथ ही, ऐसे surveillance systems में data protection, lawful access, accountability, misuse prevention और privacy safeguards सुनिश्चित करना सुशासन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मुख्य तथ्य: 22 सितंबर 2026 → गुंटूर → Andhra Pradesh Police → CDMP + SafeStay AP → AI-enabled surveillance → drone monitoring → hotel/PG occupancy information.