दिल्ली की ‘DURGA’ योजना को मंजूरी, महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को मिलेंगे 1,300 पिंक ई-ऑटो
दिल्ली मंत्रिमंडल ने 23 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए DURGA योजना को मंजूरी दी। योजना के पहले चरण में 1,300 पिंक ई-ऑटो दिए जाएंगे, जिनमें 1,170 महिलाओं और 130 ट्रांसजेंडर लाभार्थियों के लिए होंगे। इसका उद्देश्य स्वरोजगार, महिला सुरक्षा और अंतिम-मील कनेक्टिविटी को बढ़ावा देना तथा परिवहन क्षेत्र में समावेशी भागीदारी सुनिश्चित करना है। ई-ऑटो के माध्यम से योजना स्वच्छ एवं टिकाऊ शहरी परिवहन को बढ़ावा देगी, जबकि 70 DMRC मेट्रो स्टेशनों पर EV चार्जिंग सुविधाओं को इससे जोड़ा जाएगा।
दिल्ली मंत्रिमंडल ने 23 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में Driving Upliftment and Rozgar for Women/Transgender Green E-Auto (DURGA) योजना को मंजूरी दी। योजना का उद्देश्य महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को स्वरोजगार, परिवहन क्षेत्र में भागीदारी और सम्मानजनक आजीविका उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्वच्छ शहरी परिवहन को बढ़ावा देना है।
प्रथम चरण में 1,300 इलेक्ट्रिक ऑटो:
योजना के पहले चरण में 1,300 पिंक इलेक्ट्रिक ऑटो उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इनमें 1,170 महिलाओं और 130 ट्रांसजेंडर लाभार्थियों के लिए निर्धारित होंगे। दिल्ली के 13 राजस्व जिलों में प्रत्येक जिले में अधिकतम 90 ई-ऑटो महिलाओं और 10 ई-ऑटो ट्रांसजेंडर लाभार्थियों को दिए जा सकेंगे। आवेदन एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से लिए जाएंगे।
पात्रता और समावेशी स्वरोजगार:
महिला आवेदकों के लिए आयु 20–40 वर्ष, दिल्ली का निवासी होना, वैध मतदाता पहचान-पत्र, LMV ड्राइविंग लाइसेंस और PSV बैज आवश्यक है। परिवार की वार्षिक आय ₹5 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए तथा आवेदक या उसके परिवार के पास पंजीकृत परिवहन वाहन/तिपहिया वाहन नहीं होना चाहिए। ट्रांसजेंडर आवेदकों को जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय द्वारा जारी वैध ट्रांसजेंडर प्रमाण-पत्र के साथ निर्धारित अन्य शर्तें पूरी करनी होंगी।
महिला सुरक्षा और अंतिम-मील कनेक्टिविटी:
DURGA योजना का एक प्रमुख उद्देश्य अंतिम-मील (Last-mile) कनेक्टिविटी को मजबूत करना और विशेष रूप से सुबह जल्दी तथा देर शाम यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए परिवहन विकल्प बढ़ाना है। योजना महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को स्वयं ई-ऑटो का मालिक और चालक बनने का अवसर देती है, जिससे रोजगार और शहरी परिवहन को एक साथ जोड़ा गया है।
हरित परिवहन और ई-मोबिलिटी:
इलेक्ट्रिक ऑटो के माध्यम से योजना स्वच्छ एवं टिकाऊ शहरी परिवहन को बढ़ावा देती है। ई-ऑटो को दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क से जोड़ने की योजना है और DMRC के 70 मेट्रो स्टेशनों के पार्किंग क्षेत्रों में EV चार्जिंग सुविधाओं के लिए स्थान उपलब्ध कराया गया है। इससे चार्जिंग, सर्विसिंग, मरम्मत और बैटरी रीसाइक्लिंग जैसे क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी विकसित हो सकते हैं।
UPSC के लिए व्यापक महत्व:
DURGA योजना महिला सशक्तिकरण, सामाजिक समावेशन, हरित अर्थव्यवस्था, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और समावेशी शहरीकरण के संगम का उदाहरण है। योजना में रोजगार सृजन के साथ लिंग-समानता और ट्रांसजेंडर समुदाय की आर्थिक भागीदारी को जोड़ा गया है। UPSC के लिए इसे GS Paper-II में सामाजिक न्याय एवं कमजोर वर्गों के कल्याण, GS Paper-III में पर्यावरण-अनुकूल परिवहन एवं ई-मोबिलिटी तथा Essay में महिला सशक्तिकरण और समावेशी विकास के संदर्भ में जोड़ा जा सकता है। योजना का सामाजिक-आर्थिक प्रभाव समय-समय पर आकलित किए जाने का भी प्रावधान है।