Updated daily · Free for UPSC, SSC, Banking & Railway aspirants Take today's quiz →
CurrentAffairs
Advertisement Follow Sarkari WhatsApp Channel
HomeDaily Current Affairs › Global Gender Gap Report 2026: भारत 131वें स्थान पर, शिक्षा में उच्च समानता लेकिन आर्थिक एवं राजनीतिक भागीदारी में बड़ी चुनौती

Global Gender Gap Report 2026: भारत 131वें स्थान पर, शिक्षा में उच्च समानता लेकिन आर्थिक एवं राजनीतिक भागीदारी में बड़ी चुनौती

Published 18 September 2026

विश्व आर्थिक मंच (WEF) की Global Gender Gap Report 2026 में भारत 145 अर्थव्यवस्थाओं में 131वें स्थान पर रहा और उसका Gender Parity Score 64.5% रहा। सूचकांक चार आयामों—आर्थिक भागीदारी, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं उत्तरजीविता और राजनीतिक सशक्तिकरण—के आधार पर लैंगिक समानता का आकलन करता है। भारत का शिक्षा स्कोर 96.6% और स्वास्थ्य एवं उत्तरजीविता स्कोर 95.6% रहा, जबकि आर्थिक भागीदारी का स्कोर केवल 41.2% रहा। राजनीतिक सशक्तिकरण का स्कोर 24.5% रहा, जिससे आर्थिक अवसरों और राजनीतिक प्रतिनिधित्व में लैंगिक अंतर भारत के लिए प्रमुख चुनौती के रूप में सामने आता है।

विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum–WEF) द्वारा 16 सितंबर 2026 को जारी Global Gender Gap Report 2026 में भारत 145 अर्थव्यवस्थाओं में 131वें स्थान पर रहा। भारत का समग्र Gender Parity Score 64.5% रहा, जो 2025 के 64.4% से मामूली सुधार है। भारत ने अपनी 2025 की रैंक बरकरार रखी है। 2006 के बाद से भारत के समग्र स्कोर में 4.3 प्रतिशत अंक का सुधार हुआ है।

Global Gender Gap Index क्या मापता है?

Global Gender Gap Index की शुरुआत WEF ने 2006 में की थी। 2026 इसका 20वां संस्करण है। यह महिलाओं और पुरुषों के बीच समानता को चार प्रमुख आयामों में मापता है— Economic Participation and Opportunity, Educational Attainment, Health and Survival तथा Political Empowerment। इसका स्कोर यह दर्शाता है कि संबंधित लैंगिक अंतर का कितना हिस्सा बंद हो चुका है; 100% का अर्थ पूर्ण लैंगिक समानता है।

भारत में शिक्षा और स्वास्थ्य की स्थिति:

भारत ने Educational Attainment में 96.6% और Health and Survival में 95.6% का Gender Parity Score प्राप्त किया। शिक्षा में भारत ने प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के नामांकन में काफी उच्च समानता हासिल की है। हालांकि, 2026 में शिक्षा का स्कोर पिछले वर्ष की तुलना में 0.5 प्रतिशत अंक कम हुआ। वयस्क साक्षरता में भी लैंगिक अंतर अभी मौजूद है।

आर्थिक भागीदारी सबसे बड़ी चुनौती:

भारत का Economic Participation and Opportunity Score 41.2% रहा, जो लैंगिक समानता के प्रमुख क्षेत्रों में इसकी बड़ी चुनौती को दर्शाता है। Labour-force participation में भारत का parity score 44.1% है। Professional और technical workers में यह 49.9% तक पहुंचा है, जो 2006 के 26.6% से उल्लेखनीय सुधार है। इसके विपरीत legislators, senior officials और managers में महिलाओं का parity score केवल 13.1% है। इससे महिलाओं की शिक्षा और कार्यबल में वास्तविक आर्थिक अवसरों के बीच अंतर का मुद्दा सामने आता है।

राजनीतिक सशक्तिकरण में स्थिति:

भारत का Political Empowerment Score 24.5% है और इस उप-सूचकांक में भारत की वैश्विक रैंक 67वीं है। संसद में gender parity score 16.1%, जबकि ministerial-level representation में यह 5.9% है। Head-of-state indicator का score 40.7% है। वैश्विक स्तर पर Political Empowerment अभी भी सबसे अधिक gender gap वाले क्षेत्रों में शामिल है; 2026 में इसका वैश्विक parity score केवल 22.1% रहा।

वैश्विक स्थिति और UPSC के लिए महत्व:

2026 में Iceland 93.0% parity score के साथ शीर्ष पर रहा, जबकि वैश्विक स्तर पर किसी भी अर्थव्यवस्था ने अभी पूर्ण लैंगिक समानता हासिल नहीं की है। 145 अर्थव्यवस्थाओं का वैश्विक gender gap 69.2% तक बंद हुआ है और वर्तमान प्रगति दर पर पूर्ण समानता हासिल करने में लगभग 120 वर्ष लगने का अनुमान है। UPSC के लिए यह रिपोर्ट GS Paper-1 (महिला एवं सामाजिक मुद्दे), GS Paper-2 (सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण), GS Paper-3 (मानव पूंजी एवं रोजगार) और Essay के लिए महत्वपूर्ण है। विशेष रूप से महिला श्रम बल भागीदारी, gender pay gap, राजनीतिक प्रतिनिधित्व, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला नेतृत्व और SDG-5 (Gender Equality) से इसे जोड़ा जा सकता है।

Was this helpful? Tap a star to rate

Practice this topic

Test yourself on what you just read.

Related Reading

All →

Discussion

Advertisement
Comments containing links are held for review before they appear.
No comments yet. Be the first to start the discussion.
Follow Sarkari WhatsApp Channel

Get daily current affairs alerts

You can unsubscribe anytime later.