भारत में HPV टीकाकरण अभियान की बड़ी उपलब्धि: 80 लाख खुराकें दी गईं, सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम पर जोर
भारत में HPV के खिलाफ राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान के छह महीनों में 80 लाख से अधिक खुराकें दी जा चुकी हैं, जिसका उद्देश्य सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम है। कार्यक्रम के तहत 14 वर्ष की लड़कियों को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर अभिभावकों की सहमति से एक खुराक निःशुल्क और स्वैच्छिक रूप से दी जाती है। गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और मिजोरम ने लक्षित समूह में 100% टीकाकरण कवरेज हासिल किया है। विशेषज्ञों के अनुसार HPV टीकाकरण के साथ नियमित सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग और जागरूकता भी आवश्यक है।
भारत में ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) के खिलाफ राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान शुरू होने के लगभग छह महीने के भीतर 80 लाख से अधिक खुराकें दी जा चुकी हैं। इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य किशोरियों में HPV संक्रमण की रोकथाम करके भविष्य में गर्भाशय ग्रीवा (Cervical) कैंसर के मामलों को कम करना है। यह पहल रोकथाम आधारित सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति और कैंसर नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
14 वर्ष की लड़कियों को निःशुल्क HPV वैक्सीन
कार्यक्रम के तहत 14 वर्ष की लड़कियों को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर एक खुराक HPV वैक्सीन निःशुल्क और स्वैच्छिक रूप से दी जाती है। इसके लिए अभिभावकों की सहमति आवश्यक है। सरकारी अनुमान के अनुसार भारत में हर वर्ष लगभग 1.2 करोड़ लड़कियां 14 वर्ष की आयु प्राप्त करती हैं, इसलिए यह एक दीर्घकालिक और वार्षिक लक्षित सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रम है।
चार राज्यों ने 100% लक्षित कवरेज हासिल किया
गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और मिजोरम ने अपने लक्षित समूह में 100% टीकाकरण कवरेज हासिल किया है। अन्य राज्यों में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है—बिहार, आंध्र प्रदेश और असम ने 90% से अधिक तथा कर्नाटक ने 85% से अधिक कवरेज हासिल किया है। उत्तर प्रदेश में 22 लाख से अधिक किशोरियों को HPV वैक्सीन दी जा चुकी है। यह उपलब्धि केंद्र-राज्य समन्वय, सामुदायिक लामबंदी और अंतिम-मील स्वास्थ्य सेवाओं के महत्व को दर्शाती है।
सर्वाइकल कैंसर और HPV का संबंध
HPV एक DNA वायरस है और इसके कुछ उच्च-जोखिम प्रकारों का लगातार संक्रमण सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण है। वैश्विक स्तर पर सर्वाइकल कैंसर के लगभग सभी मामले HPV के दीर्घकालिक संक्रमण से जुड़े हैं। भारत में भी यह महिलाओं के स्वास्थ्य की एक महत्वपूर्ण चुनौती है। HPV संक्रमण से संबंधित कुछ अन्य कैंसर, जैसे वल्वर, योनि, गुदा और ऑरोफैरिंजियल कैंसर, की रोकथाम में भी HPV टीकाकरण उपयोगी हो सकता है।
टीकाकरण के साथ स्क्रीनिंग भी आवश्यक
विशेषज्ञों के अनुसार केवल HPV टीकाकरण से सर्वाइकल कैंसर की समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं होगी। टीकाकरण + नियमित स्क्रीनिंग + जागरूकता एक प्रभावी रणनीति है। HPV वैक्सीन का सर्वोत्तम प्रभाव सामान्यतः वायरस के संपर्क में आने से पहले टीकाकरण करने पर होता है। इसलिए किशोरावस्था में टीकाकरण महत्वपूर्ण है। वयस्क महिलाओं के लिए आयु और जोखिम के अनुरूप सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग भी आवश्यक है।
UPSC के लिए व्यापक महत्व
यह विषय सार्वजनिक स्वास्थ्य, निवारक स्वास्थ्य देखभाल, महिला सशक्तीकरण और Universal Health Coverage से जुड़ा है। UPSC में इसे SDG-3: Good Health and Well-being, राष्ट्रीय टीकाकरण नीति, कैंसर नियंत्रण, किशोर स्वास्थ्य तथा Primary Health Care के संदर्भ में जोड़ा जा सकता है। यह उदाहरण बताता है कि कैंसर जैसी गैर-संचारी बीमारी के नियंत्रण में प्राथमिक रोकथाम (HPV vaccination), द्वितीयक रोकथाम (screening) और स्वास्थ्य-जागरूकता को एकीकृत करना आवश्यक है।