IIHT SUTRA 2026 से भारतीय हथकरघा क्षेत्र में तकनीकी नवाचार और कौशल विकास को बढ़ावा
14 अगस्त 2026 को केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने नई दिल्ली में IIHT SUTRA 2026 के पहले राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया, जिसका उद्देश्य हथकरघा क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देना है। सम्मेलन में IIHTs को Centre of Excellence के रूप में विकसित करने तथा उद्योग की जरूरतों के अनुरूप तकनीकी मानव संसाधन तैयार करने पर जोर दिया गया। Grasim Industries, Northern India Textile Research Association और IIM Sambalpur के साथ कौशल विकास, अनुसंधान, इंटर्नशिप, नेतृत्व विकास और उद्यमिता को बढ़ावा देने हेतु MoUs किए गए। यह पहल हथकरघा क्षेत्र के तकनीकी आधुनिकीकरण, वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता, ग्रामीण आजीविका और महिला सशक्तिकरण को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने 14 अगस्त 2026 को नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में भारतीय हथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थानों के पहले राष्ट्रीय सम्मेलन IIHT SUTRA 2026 का उद्घाटन किया। सम्मेलन का विषय “IIHTs: Weaving the Future of the Indian Handloom Sector – Educate. Innovate. Transform.” रखा गया। इसका उद्देश्य भारतीय हथकरघा क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को मजबूत करना है।
IIHTs को उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करना
सम्मेलन का प्रमुख लक्ष्य Indian Institutes of Handloom Technology (IIHTs) को तकनीकी शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार के Centre of Excellence के रूप में विकसित करना है। ये संस्थान हथकरघा एवं वस्त्र प्रौद्योगिकी से जुड़े डिप्लोमा और डिग्री पाठ्यक्रम उपलब्ध कराते हैं तथा उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप कुशल तकनीकी मानव संसाधन तैयार करने में योगदान देते हैं।
उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के बीच रणनीतिक साझेदारी
सम्मेलन के दौरान विभिन्न संस्थानों के साथ महत्वपूर्ण MoUs पर हस्ताक्षर किए गए। Grasim Industries Limited के साथ पाठ्यक्रम संवर्धन, इंटर्नशिप और कौशल विकास; Northern India Textile Research Association के साथ सहयोगात्मक अनुसंधान एवं तकनीकी सहायता; तथा IIM Sambalpur के साथ नेतृत्व विकास, उद्यमिता और संस्थागत क्षमता निर्माण पर सहयोग किया जाएगा। यह Industry-Academia Collaboration को बढ़ावा देने का उदाहरण है।
हथकरघा क्षेत्र में तकनीकी आधुनिकीकरण
हथकरघा क्षेत्र पारंपरिक कौशल और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा होने के साथ-साथ रोजगार एवं ग्रामीण आजीविका का महत्वपूर्ण स्रोत है। IIHTs के माध्यम से तकनीकी विशेषज्ञ तैयार करने से उत्पादकता, गुणवत्ता, डिजाइन, तकनीकी दक्षता और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इस प्रकार परंपरागत हथकरघा कौशल को आधुनिक तकनीक और बाजार की मांग से जोड़ना इस पहल का महत्वपूर्ण पक्ष है।
महिला सशक्तिकरण और आजीविका से संबंध
हथकरघा क्षेत्र में बड़ी संख्या में महिलाएं आजीविका से जुड़ी हैं। इसलिए इस क्षेत्र में कौशल विकास, तकनीकी उन्नयन और बेहतर बाजार पहुंच महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को मजबूत कर सकती है।
‘Handloom Change Makers’ और ‘Weaving India’s Handloom Future’
सम्मेलन में “Handloom Change Makers” नामक प्रकाशन जारी किया गया, जिसमें IIHTs के उल्लेखनीय पूर्व छात्रों की उपलब्धियों को दस्तावेजीकृत किया गया है। इसके साथ “Weaving India’s Handloom Future” फिल्म भी जारी की गई, जो भारतीय वस्त्र क्षेत्र में IIHTs के योगदान को दर्शाती है। इस प्रकार सम्मेलन ने केवल संस्थागत सहयोग ही नहीं, बल्कि हथकरघा क्षेत्र की तकनीकी एवं मानव संसाधन क्षमता को भी रेखांकित किया।
