Oxford Economics Global Cities Index 2026 में दिल्ली शीर्ष भारतीय शहर, मानव पूंजी में मजबूत प्रदर्शन
Oxford Economics के Global Cities Index 2026 में दुनिया के 1,000 शहरों का मूल्यांकन किया गया, जिसमें न्यूयॉर्क प्रथम, लंदन द्वितीय और पेरिस तृतीय रहे। भारत में दिल्ली 268वें स्थान के साथ सर्वोच्च भारतीय शहर रही, जबकि बेंगलुरु 311वें और मुंबई 330वें स्थान पर रहे। दिल्ली मानव पूंजी में 13वें और अर्थव्यवस्था में 116वें स्थान पर रही, लेकिन जीवन की गुणवत्ता और पर्यावरण में इसकी रैंकिंग अपेक्षाकृत कमजोर रही। सूचकांक शहरी विकास में अर्थव्यवस्था, मानव पूंजी, जीवन की गुणवत्ता, पर्यावरण और शासन के महत्व को दर्शाता है।
Oxford Economics के Global Cities Index 2026 में दुनिया के 1,000 सबसे बड़े शहरों का मूल्यांकन किया गया। वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क प्रथम, लंदन द्वितीय और पेरिस तृतीय स्थान पर रहे। भारत में दिल्ली 268वें स्थान के साथ सर्वोच्च रैंक वाला भारतीय शहर रहा, जबकि बेंगलुरु 311वें और मुंबई 330वें स्थान पर रहे।
दिल्ली का मानव पूंजी में मजबूत प्रदर्शन:
दिल्ली की समग्र रैंकिंग 268 रही, लेकिन विभिन्न आयामों में इसके प्रदर्शन में बड़ा अंतर दिखाई देता है। मानव पूंजी में दिल्ली 13वें स्थान पर रही और अर्थव्यवस्था में 116वें स्थान पर रही। इसके विपरीत जीवन की गुणवत्ता में 781वां और पर्यावरण में 915वां स्थान मिला, जो बड़े शहरों में विकास की गुणवत्ता तथा पर्यावरणीय स्थिरता से जुड़ी चुनौतियों को दर्शाता है।
सूचकांक के पांच प्रमुख आयाम:
Global Cities Index शहरों का मूल्यांकन अर्थव्यवस्था, मानव पूंजी, जीवन की गुणवत्ता, पर्यावरण और शासन के आधार पर करता है। अर्थव्यवस्था में GDP, आर्थिक वृद्धि, प्रति व्यक्ति GDP, रोजगार और आर्थिक विविधता जैसे संकेतक शामिल हैं, जबकि मानव पूंजी में शिक्षा, कौशल और प्रतिभा को आकर्षित करने की क्षमता को महत्व दिया जाता है।
जीवन की गुणवत्ता और पर्यावरण का महत्व:
सूचकांक में केवल आर्थिक आकार को सफलता का आधार नहीं माना गया है। जीवन की गुणवत्ता में नागरिक सुविधाओं और कल्याण से जुड़े पहलू तथा पर्यावरण में पर्यावरणीय गुणवत्ता और स्थिरता जैसे कारक शामिल हैं। दिल्ली की पर्यावरण संबंधी रैंकिंग अपेक्षाकृत कमजोर होना UPSC के लिए वायु प्रदूषण, शहरीकरण, जलवायु परिवर्तन और सतत शहरी विकास जैसे मुद्दों से जोड़कर समझा जा सकता है।
भारत के शहरी विकास के संदर्भ में महत्व:
भारतीय शहरों की रैंकिंग यह संकेत देती है कि भारत के प्रमुख महानगरों में आर्थिक गतिविधि और मानव पूंजी की मजबूत क्षमता मौजूद है, लेकिन जीवन की गुणवत्ता, पर्यावरणीय स्थिरता और शहरी शासन में सुधार की आवश्यकता बनी हुई है। यह विषय स्मार्ट सिटी मिशन, सतत विकास लक्ष्य-11 (Sustainable Cities and Communities), शहरी स्थानीय निकायों और समावेशी शहरीकरण के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।
UPSC के लिए व्यापक महत्व:
यह सूचकांक GS Paper-I में शहरीकरण, GS Paper-II में शहरी शासन एवं स्थानीय निकाय, GS Paper-III में अर्थव्यवस्था, पर्यावरण एवं सतत विकास और Essay के लिए उपयोगी है। UPSC अभ्यर्थियों को ऐसे वैश्विक सूचकांकों का अध्ययन करते समय कार्यप्रणाली, संकेतक, भारत का प्रदर्शन, प्रमुख चुनौतियां और नीतिगत समाधान—इन सभी पहलुओं को साथ में समझना चाहिए।