कैबिनेट सचिव एवं गृह सचिव के कार्यकाल में एक वर्ष का विस्तार: प्रशासनिक निरंतरता और शासन सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट नियुक्ति समिति (ACC) ने कैबिनेट सचिव डॉ. टी. वी. सोमनाथन और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन के कार्यकाल में एक वर्ष का विस्तार स्वीकृत किया है। यह निर्णय प्रशासनिक निरंतरता, नीति-क्रियान्वयन और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों में स्थिरता बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। ACC केंद्र सरकार की सर्वोच्च नियुक्ति समिति है, जो वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति, स्थानांतरण और सेवा-विस्तार से संबंधित निर्णय लेती है। गोविंद मोहन को सेवा-विस्तार मौलिक नियम 56(d) एवं अखिल भारतीय सेवा (मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति लाभ) नियम, 1958 के प्रावधानों के तहत जनहित में प्रदान किया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट नियुक्ति समिति (ACC) ने कैबिनेट सचिव डॉ. टी. वी. सोमनाथन तथा केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन के कार्यकाल में एक वर्ष का विस्तार स्वीकृत किया है। इसके अनुसार डॉ. सोमनाथन 30 अगस्त 2027 तथा गोविंद मोहन 22 अगस्त 2027 तक अपने पद पर बने रहेंगे। यह निर्णय प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
कैबिनेट नियुक्ति समिति (ACC) क्या है?
कैबिनेट नियुक्ति समिति (Appointments Committee of the Cabinet-ACC) केंद्र सरकार की सर्वोच्च नियुक्ति समिति है, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते हैं। यह समिति भारत सरकार के सचिव, अतिरिक्त सचिव, सार्वजनिक उपक्रमों के प्रमुख तथा अन्य वरिष्ठ पदों पर नियुक्ति, स्थानांतरण एवं सेवा-विस्तार से संबंधित निर्णय लेती है। यह उच्च प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता एवं दक्षता सुनिश्चित करने का प्रमुख संस्थागत तंत्र है।
कैबिनेट सचिव एवं गृह सचिव का महत्व
कैबिनेट सचिव भारत सरकार के सर्वोच्च सिविल सेवक (Senior-most Civil Servant) होते हैं। वे कैबिनेट सचिवालय के प्रमुख होने के साथ विभिन्न मंत्रालयों के बीच समन्वय स्थापित करते हैं तथा मंत्रिपरिषद को प्रशासनिक सलाह प्रदान करते हैं। गृह सचिव गृह मंत्रालय के प्रशासनिक प्रमुख होते हैं और आंतरिक सुरक्षा, सीमा प्रबंधन, आपदा प्रबंधन, केंद्र-राज्य संबंध तथा कानून-व्यवस्था से जुड़े विषयों का समन्वय करते हैं।
सेवा-विस्तार का कानूनी आधार
गोविंद मोहन को सेवा-विस्तार मौलिक नियम (Fundamental Rule) 56(d) तथा अखिल भारतीय सेवा (मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति लाभ) नियम, 1958 के प्रासंगिक प्रावधानों में छूट प्रदान कर दिया गया है। इन प्रावधानों के अंतर्गत केंद्र सरकार जनहित में वरिष्ठ अधिकारियों को निर्धारित सेवानिवृत्ति आयु के बाद भी सीमित अवधि के लिए सेवा में बनाए रख सकती है।
प्रशासनिक एवं शासन संबंधी महत्व
ऐसे सेवा-विस्तार से नीतिगत निरंतरता (Policy Continuity), प्रशासनिक स्थिरता (Administrative Stability) तथा संवेदनशील राष्ट्रीय परियोजनाओं और आंतरिक सुरक्षा मामलों में निर्णय प्रक्रिया प्रभावित नहीं होती। विशेष रूप से राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक सुधार, आपदा प्रबंधन एवं अंतर-मंत्रालयी समन्वय जैसे क्षेत्रों में अनुभवी नेतृत्व बनाए रखना शासन की प्रभावशीलता को बढ़ाता है।
UPSC परीक्षा के लिए मुख्य तथ्य (Prelims + Mains)
डॉ. टी. वी. सोमनाथन – 1987 बैच, तमिलनाडु कैडर, IAS; कैबिनेट सचिव।
गोविंद मोहन – 1989 बैच, सिक्किम कैडर, IAS; केंद्रीय गृह सचिव।
ACC वरिष्ठ नौकरशाहों की नियुक्ति एवं सेवा-विस्तार संबंधी निर्णय लेने वाली सर्वोच्च समिति है।
कैबिनेट सचिव भारत के वरिष्ठतम सिविल सेवक होते हैं।
गृह सचिव आंतरिक सुरक्षा एवं गृह मंत्रालय के प्रशासनिक प्रमुख होते हैं।
यह निर्णय व्यापक नौकरशाही पुनर्गठन (Bureaucratic Reshuffle) और प्रशासनिक सुधारों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
