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उच्च न्यायपालिका में नेतृत्व परिवर्तन — कॉलेजियम की नई सिफारिशें

Published 11 August 2026

सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम ने 6 अगस्त 2026 को न्यायमूर्ति रविंद्र वी. घुगे और महेश चंद्र त्रिपाठी को क्रमशः कलकत्ता और बॉम्बे उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश की। न्यायमूर्ति घुगे वर्तमान में बॉम्बे हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश हैं, जबकि न्यायमूर्ति त्रिपाठी इलाहाबाद हाई कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश हैं। स्वीकृति मिलने पर न्यायमूर्ति त्रिपाठी बॉम्बे हाई कोर्ट के 50वें मुख्य न्यायाधीश बनेंगे। कॉलेजियम की सिफारिश के बाद केंद्र सरकार की प्रक्रिया और राष्ट्रपति की नियुक्ति अधिसूचना के माध्यम से अंतिम नियुक्ति होती है।

सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम ने 6 अगस्त 2026 को न्यायमूर्ति रविंद्र वी. घुगे और न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी को क्रमशः कलकत्ता उच्च न्यायालय और बॉम्बे उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश की है।

न्यायमूर्ति रविंद्र वी. घुगे

न्यायमूर्ति रविंद्र वी. घुगे वर्तमान में बॉम्बे उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश हैं। उन्हें कलकत्ता उच्च न्यायालय के अगले मुख्य न्यायाधीश के रूप में अनुशंसित किया गया है। वे 21 जून 2013 को बॉम्बे उच्च न्यायालय के न्यायाधीश नियुक्त हुए थे। जून 2026 में तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर की सर्वोच्च न्यायालय में नियुक्ति के बाद उन्होंने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश का पद संभाला।

न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी

न्यायमूर्ति एम.सी. त्रिपाठी वर्तमान में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीशों में दूसरे स्थान पर हैं और प्रधान पीठ, इलाहाबाद के प्रमुख हैं। कॉलेजियम की सिफारिश स्वीकृत होने पर वे बॉम्बे उच्च न्यायालय के 50वें मुख्य न्यायाधीश बनेंगे। इससे पहले इलाहाबाद उच्च न्यायालय से न्यायमूर्ति डी.के. उपाध्याय बॉम्बे उच्च न्यायालय के 47वें मुख्य न्यायाधीश रह चुके हैं।

दोनों न्यायाधीशों का न्यायिक अनुभव

न्यायमूर्ति घुगे ने 1990 में वकालत शुरू की और श्रम कानून तथा औद्योगिक विवादों से जुड़े लगभग 2,000 मामलों में श्रमिकों एवं ट्रेड यूनियनों का प्रतिनिधित्व किया। दूसरी ओर, न्यायमूर्ति त्रिपाठी ने 1992 में अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण कराया और मुख्यतः दीवानी मामलों में वकालत की। उन्होंने विभिन्न सरकारी एवं सार्वजनिक संस्थानों का भी प्रतिनिधित्व किया।

कॉलेजियम प्रणाली का महत्व

कॉलेजियम प्रणाली के अंतर्गत उच्च न्यायपालिका में न्यायाधीशों की नियुक्ति एवं स्थानांतरण के लिए सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीशों का समूह सिफारिश करता है। सर्वोच्च न्यायालय के कॉलेजियम में भारत के मुख्य न्यायाधीश तथा चार वरिष्ठतम न्यायाधीश शामिल होते हैं। हालांकि, कॉलेजियम की सिफारिश अपने-आप में अंतिम नियुक्ति नहीं होती; आगे केंद्र सरकार की प्रक्रिया और राष्ट्रपति द्वारा नियुक्ति की अधिसूचना महत्वपूर्ण होती है।

आगे की प्रक्रिया और UPSC महत्व

सिफारिश के बाद केंद्र सरकार द्वारा प्रक्रिया पूरी की जाती है और नियुक्ति की अधिसूचना जारी होने के पश्चात संबंधित न्यायाधीश मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यभार ग्रहण करते हैं। वर्तमान में न्यायमूर्ति तापब्रता चक्रवर्ती कलकत्ता उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश हैं; सिफारिश स्वीकृत होने पर न्यायमूर्ति घुगे उनका स्थान लेंगे। UPSC के लिए यह घटना अनुच्छेद 124, अनुच्छेद 217, न्यायिक स्वतंत्रता, कॉलेजियम बनाम NJAC और न्यायपालिका में नियुक्ति प्रक्रिया जैसे विषयों से जोड़कर पढ़ी जानी चाहिए।

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