अर्चना वर्मा ने जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग के सचिव का पद संभाला
श्रीमती अर्चना वर्मा ने जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग के सचिव का कार्यभार संभाला; वे 1995 बैच की असम कैडर IAS अधिकारी हैं। इससे पहले वे सितंबर 2022 से राष्ट्रीय जल मिशन (NWM) की मिशन निदेशक रहीं और जल शक्ति अभियान: कैच द रेन से जुड़ी पहलों के विस्तार में योगदान दिया। जल शक्ति मंत्रालय का गठन मई 2019 में जल संसाधन मंत्रालय तथा पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय के विलय से हुआ, जो जल जीवन मिशन और नमामि गंगे जैसे कार्यक्रमों से जुड़ा है। यह नियुक्ति जल सुरक्षा, IWRM, जल संरक्षण, नदी संरक्षण, भूजल प्रबंधन और सुशासन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है; अर्चना वर्मा ने CVC में अतिरिक्त सचिव के रूप में भी कार्य किया है।
श्रीमती अर्चना वर्मा ने जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग के सचिव के रूप में कार्यभार संभाला। यह नियुक्ति भारत में जल शासन, नदी संरक्षण और जल सुरक्षा से जुड़े प्रशासनिक ढांचे के लिए महत्वपूर्ण है।
प्रशासनिक पृष्ठभूमि
अर्चना वर्मा असम कैडर की 1995 बैच की IAS अधिकारी हैं। सचिव पद संभालने से पहले उन्होंने सितंबर 2022 से राष्ट्रीय जल मिशन (NWM) की मिशन निदेशक के रूप में कार्य किया। उनके पूर्व अनुभव को देखते हुए जल प्रबंधन और संरक्षण के क्षेत्र में उनका प्रशासनिक अनुभव महत्वपूर्ण माना जाता है।
राष्ट्रीय जल मिशन और ‘कैच द रेन’
राष्ट्रीय जल मिशन के मिशन निदेशक के रूप में उन्होंने जल शक्ति अभियान: कैच द रेन (JSA–CTR) से आगे राष्ट्रीय जल मिशन की पहलों के दायरे को विस्तृत करने में भूमिका निभाई। UPSC के लिए यह पहल जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, जल की मांग प्रबंधन और जनभागीदारी जैसे विषयों से जुड़ती है।
जल शक्ति मंत्रालय का गठन
जल शक्ति मंत्रालय का गठन मई 2019 में जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय तथा पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय के विलय से किया गया था। इसका उद्देश्य देश में जल से संबंधित विभिन्न पहलुओं को एकीकृत प्रशासनिक दृष्टिकोण के तहत लाना है। मंत्रालय जल जीवन मिशन और नमामि गंगे कार्यक्रम जैसे प्रमुख कार्यक्रमों के क्रियान्वयन से जुड़ा है।
भारत की जल सुरक्षा के संदर्भ में महत्व
भारत में जल संसाधनों पर बढ़ता दबाव, भूजल का दोहन, असमान वर्षा, जल प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन जल सुरक्षा को गंभीर चुनौती बना रहे हैं। इसलिए जल संसाधनों का Integrated Water Resources Management (IWRM), नदी संरक्षण, जल संरक्षण और पेयजल उपलब्धता को एक साथ देखना आवश्यक है। इस संदर्भ में जल शक्ति मंत्रालय की भूमिका सतत विकास और जल सुरक्षा दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।
अन्य प्रशासनिक अनुभव
अर्चना वर्मा ने केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) में अतिरिक्त सचिव के रूप में भी कार्य किया तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार से संबंधित सतर्कता मामलों को संभाला। यह अनुभव सुशासन, प्रशासनिक जवाबदेही और संस्थागत पारदर्शिता के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।
