जेम्स वेब टेलीस्कोप ने खोजा ‘ब्लैक होल स्टार’, प्रारंभिक ब्रह्मांड के रहस्य पर नई रोशनी
भारतीय मूल के खगोलशास्त्री डॉ. रोहन नायडू की टीम ने JWST के अवलोकनों से MoM-BH*-1 नामक असामान्य ‘Black Hole Star’ की पहचान की, जिसके निष्कर्ष अगस्त 2026 में Nature में प्रकाशित हुए। यह पिंड बिग बैंग के लगभग 66 करोड़ वर्ष बाद के प्रारंभिक ब्रह्मांड से संबंधित है और इसके केंद्र में सूर्य से लगभग 1 लाख गुना अधिक द्रव्यमान वाला ब्लैक होल होने का अनुमान है। वैज्ञानिकों के अनुसार इसकी ऊर्जा नाभिकीय संलयन के बजाय केंद्रीय ब्लैक होल की अभिवृद्धि प्रक्रिया से उत्पन्न होती है और यह ‘Little Red Dots’ की प्रकृति समझने में मदद कर सकता है। यह खोज प्रारंभिक ब्रह्मांड में सुपरमैसिव ब्लैक होल के तेजी से निर्माण और विकास के रहस्य को समझने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
भारतीय मूल के खगोलशास्त्री डॉ. रोहन नायडू के नेतृत्व वाली टीम ने MoM-BH-1* नामक एक असामान्य खगोलीय पिंड की पहचान की है, जिसे ‘Black Hole Star’ कहा जा रहा है। इस खोज का अध्ययन James Webb Space Telescope (JWST) के अवलोकनों के आधार पर किया गया और इसके निष्कर्ष अगस्त 2026 में Nature में प्रकाशित हुए। यह पिंड ब्रह्मांड के Cosmic Dawn यानी बिग बैंग के लगभग 66 करोड़ वर्ष बाद के समय का है।
ब्लैक होल स्टार क्या है?:
यह सामान्य तारे की तरह दिखाई देता है, लेकिन वैज्ञानिकों के अनुसार इसकी ऊर्जा का स्रोत सामान्य तारों की तरह नाभिकीय संलयन (Nuclear Fusion) नहीं है। इसके केंद्र में एक तेजी से बढ़ता हुआ ब्लैक होल है, जिसके चारों ओर अत्यधिक घना गैस का आवरण मौजूद है। इस कारण पूरा पिंड एक विशाल तारे जैसा दिखाई देता है। अनुमान के अनुसार इसके केंद्रीय ब्लैक होल का द्रव्यमान सूर्य से लगभग 1 लाख गुना हो सकता है।
असाधारण चमक और आकार:
MoM-BH*-1 लगभग सौरमंडल के आकार का दिखाई देता है और इसकी चमक किसी सामान्य तारे की अपेक्षा लगभग 100 अरब गुना अधिक ऊर्जा उत्सर्जन के बराबर है। इसकी अत्यधिक चमक और विशिष्ट स्पेक्ट्रम ने वैज्ञानिकों को यह निष्कर्ष निकालने में मदद की कि इसकी ऊर्जा का प्रमुख स्रोत केंद्रीय ब्लैक होल से संबंधित अभिवृद्धि (accretion) प्रक्रिया हो सकती है।
‘Little Red Dots’ का रहस्य:
JWST ने प्रारंभिक ब्रह्मांड में बड़ी संख्या में छोटे, अत्यधिक चमकीले लाल पिंडों की पहचान की है, जिन्हें ‘Little Red Dots’ (LRDs) कहा जाता है। MoM-BH*-1 की खोज इस संभावना को मजबूत करती है कि इनमें से कुछ पिंड वास्तव में घने गैस से घिरे तेजी से बढ़ते ब्लैक होल हो सकते हैं। इससे प्रारंभिक ब्रह्मांड में दिखाई देने वाले इन रहस्यमय पिंडों की प्रकृति समझने में सहायता मिल सकती है।
सुपरमैसिव ब्लैक होल की उत्पत्ति को समझने में महत्व:
प्रारंभिक ब्रह्मांड में बहुत कम समय में supermassive black holes के निर्माण का प्रश्न आधुनिक खगोल विज्ञान की प्रमुख पहेलियों में से एक है। ब्लैक होल स्टार संभवतः ऐसे शुरुआती चरण का प्रतिनिधित्व कर सकता है, जिसमें गैस से घिरा ब्लैक होल तेजी से पदार्थ को आकर्षित करके अपना द्रव्यमान बढ़ाता है। यदि आगे के अवलोकन इस मॉडल की पुष्टि करते हैं, तो इससे यह समझने में मदद मिल सकती है कि ब्रह्मांड के शुरुआती चरण में इतने विशाल ब्लैक होल कैसे बने।
UPSC के लिए महत्व:
यह समाचार GS Paper-3 के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष विज्ञान के लिए महत्वपूर्ण है। इससे James Webb Space Telescope, Big Bang Theory, Cosmic Dawn, Black Hole, Supermassive Black Hole, Accretion, Nuclear Fusion और Little Red Dots जैसे विषय जोड़े जा सकते हैं। साथ ही, यह उदाहरण दिखाता है कि आधुनिक अंतरिक्ष दूरबीनें केवल नए खगोलीय पिंड खोजने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ब्रह्मांड की प्रारंभिक अवस्था, आकाशगंगा निर्माण और ब्लैक होल के विकास को समझने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
