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भारतीय अक्षय ऊर्जा दिवस — नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा संक्रमण की दिशा में भारत की प्रतिबद्धता

Published 19 August 2026

भारतीय अक्षय ऊर्जा दिवस प्रत्येक वर्ष 20 अगस्त को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। भारत के ऊर्जा संक्रमण में सौर, पवन, जलविद्युत, बायोमास और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे स्वच्छ ऊर्जा स्रोत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अक्षय ऊर्जा जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम करने, कार्बन उत्सर्जन घटाने और ऊर्जा सुरक्षा व सतत विकास को बढ़ावा देने में सहायक है। भारत ने International Solar Alliance, National Green Hydrogen Mission और PM-Surya Ghar Yojana जैसी पहलों के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा दिया है।

भारतीय अक्षय ऊर्जा दिवस (Indian Akshay Urja Day) प्रत्येक वर्ष 20 अगस्त को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य भारत में नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सौर, पवन, बायोमास, जलविद्युत और अन्य स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों के उपयोग को प्रोत्साहित करना है। यह दिवस भारत के ऊर्जा संक्रमण और पर्यावरणीय स्थिरता के व्यापक लक्ष्य से जुड़ा हुआ है।

दिवस का उद्देश्य:

भारत जैसे तेजी से विकसित हो रहे देश के लिए ऊर्जा की बढ़ती मांग को पूरा करते हुए कार्बन उत्सर्जन में कमी करना महत्वपूर्ण है। अक्षय ऊर्जा दिवस लोगों, उद्योगों और नीति-निर्माताओं को जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम करने तथा स्वच्छ एवं टिकाऊ ऊर्जा विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित करता है।

भारत के लिए नवीकरणीय ऊर्जा का महत्व:

भारत में ऊर्जा मांग लगातार बढ़ रही है। कोयला और तेल जैसे जीवाश्म ईंधन ऊर्जा सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन इनके उपयोग से ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन और वायु प्रदूषण बढ़ता है। इसके विपरीत सौर एवं पवन ऊर्जा जैसे स्रोत अपेक्षाकृत कम कार्बन उत्सर्जन वाले हैं। इसलिए Renewable Energy भारत के Energy Security, Climate Action और Sustainable Development लक्ष्यों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

भारत की प्रमुख अक्षय ऊर्जा संभावनाएँ:

भारत में भौगोलिक विविधता के कारण सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, लघु जलविद्युत, बायोएनर्जी और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में बड़ी संभावनाएं हैं। विशेष रूप से भारत के पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों में उच्च सौर विकिरण तथा तटीय क्षेत्रों में पवन ऊर्जा की अच्छी क्षमता उपलब्ध है। इससे विकेंद्रीकृत ऊर्जा उत्पादन और ग्रामीण विद्युतीकरण को भी बढ़ावा दिया जा सकता है।

प्रमुख सरकारी पहल:

भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए International Solar Alliance (ISA), National Green Hydrogen Mission, PM-Surya Ghar: Muft Bijli Yojana, National Bioenergy Programme और Renewable Energy Development programmes जैसी पहलें शुरू की हैं। इनका उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ घरेलू विनिर्माण, रोजगार, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और कम-कार्बन अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करना है।

UPSC के लिए महत्व:

यह विषय GS Paper-3 – पर्यावरण, ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास के लिए महत्वपूर्ण है। UPSC में इससे Renewable Energy, Energy Transition, Net Zero, भारत की ऊर्जा सुरक्षा, Climate Change Mitigation, Green Hydrogen, Solar Energy और Sustainable Development Goals (SDGs) पर प्रश्न बन सकते हैं। मुख्य परीक्षा में अक्षय ऊर्जा को केवल पर्यावरणीय समाधान के रूप में नहीं, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा + आर्थिक विकास + रोजगार + जलवायु प्रतिबद्धताओं के समन्वित साधन के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है।

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