नोबेल विजेता माइकल क्रेमर बने विश्व बैंक समूह के मुख्य अर्थशास्त्री
विश्व बैंक समूह के अध्यक्ष अजय बंगा ने नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री माइकल क्रेमर को Chief Economist और Senior Vice President for Development Economics नियुक्त किया है, नियुक्ति 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगी। क्रेमर ने गरीबी उन्मूलन, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और तकनीकी विकास के क्षेत्र में Evidence-based Development तथा Randomized Controlled Trials (RCTs) के उपयोग को बढ़ावा दिया है। उन्हें 2019 में अभिजीत बनर्जी और एस्थर डुफ्लो के साथ अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार वैश्विक गरीबी कम करने के लिए प्रयोगात्मक दृष्टिकोण में योगदान हेतु मिला था। उन्होंने Advance Market Commitments (AMCs), टीकाकरण, बच्चों के deworming कार्यक्रम, डिजिटल कृषि और AI-आधारित कृषि मौसम पूर्वानुमान जैसे क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
विश्व बैंक समूह के अध्यक्ष अजय बंगा ने नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री माइकल क्रेमर को World Bank Group का Chief Economist और Senior Vice President for Development Economics नियुक्त किया है। विश्व बैंक ने 16 सितंबर 2026 को इसकी घोषणा की और उनकी नियुक्ति 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगी। इस पद पर वे विश्व बैंक के शोध, डेटा और विकास संबंधी विश्लेषण का नेतृत्व करेंगे।
विकास अर्थशास्त्र में क्रेमर का योगदान:
माइकल क्रेमर ने आर्थिक विकास, तकनीकी परिवर्तन, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, जल और वित्त जैसे क्षेत्रों में व्यापक शोध किया है। उनका दृष्टिकोण Evidence-based Development पर आधारित है, जिसमें विकास नीतियों और कार्यक्रमों की प्रभावशीलता को वास्तविक आंकड़ों और वैज्ञानिक प्रयोगों के माध्यम से परखा जाता है। विश्व बैंक में उनका प्रमुख कार्य शोध एवं आंकड़ों को प्रभावी नीतियों तथा बड़े पैमाने पर लागू किए जा सकने वाले विकास कार्यक्रमों से जोड़ना होगा।
2019 का अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार:
माइकल क्रेमर को अभिजीत बनर्जी और एस्थर डुफ्लो के साथ 2019 में आर्थिक विज्ञान का नोबेल पुरस्कार मिला था। यह पुरस्कार उन्हें वैश्विक गरीबी को कम करने के लिए प्रयोगात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में योगदान के लिए दिया गया। उनके शोध ने विकास अर्थशास्त्र में Randomized Controlled Trials (RCTs) और Field Experiments के उपयोग को व्यापक रूप से स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
Randomized Controlled Trials (RCTs) का महत्व:
RCT में किसी नीति या कार्यक्रम के प्रभाव को मापने के लिए प्रतिभागियों को सामान्यतः Treatment Group और Control Group में यादृच्छिक रूप से विभाजित किया जाता है। इससे शोधकर्ता यह समझ सकते हैं कि किसी विशेष हस्तक्षेप के कारण वास्तव में क्या प्रभाव पड़ा। क्रेमर और उनके सहयोगियों ने शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में ऐसे प्रयोगों का उपयोग किया, जिससे गरीबी उन्मूलन की नीतियों को अधिक evidence-based बनाने में सहायता मिली।
स्वास्थ्य, कृषि और नवाचार में योगदान:
क्रेमर ने Advance Market Commitments (AMCs) की अवधारणा के विकास में योगदान दिया, जिसके तहत भविष्य में किसी वैक्सीन की खरीद की प्रतिबद्धता के माध्यम से उसके विकास और उत्पादन को प्रोत्साहन दिया जाता है। उनके कार्य से जुड़े pneumococcal vaccine AMC के माध्यम से टीकों की पहुंच विकासशील देशों तक बढ़ाने में मदद मिली। उन्होंने बच्चों के deworming programmes, डिजिटल कृषि तथा AI-based agricultural weather forecasting पर भी शोध किया है।
UPSC के लिए महत्व:
यह समाचार GS Paper-3 (अर्थव्यवस्था, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी), GS Paper-2 (अंतरराष्ट्रीय संस्थान एवं विकास) तथा Essay के लिए महत्वपूर्ण है। अभ्यर्थियों को विशेष रूप से World Bank Group, Chief Economist, Development Economics, Evidence-based Policy, RCT, Field Experiment, Advance Market Commitment (AMC), मानव पूंजी और गरीबी उन्मूलन जैसी अवधारणाओं को समझना चाहिए। क्रेमर की नियुक्ति यह भी दर्शाती है कि विकास नीतियों में डेटा, शोध और प्रमाण आधारित निर्णय-निर्माण की भूमिका बढ़ रही है।