Updated daily · Free for UPSC, SSC, Banking & Railway aspirants Take today's quiz →
CurrentAffairs
Advertisement Follow Sarkari WhatsApp Channel
Home › Daily Current Affairs › ‘प्रमाण’ के जरिए भारत में वन एवं लकड़ी के सतत प्रमाणन को बढ़ावा: पर्यावरणीय स्थिरता और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला की दिशा में कदम

‘प्रमाण’ के जरिए भारत में वन एवं लकड़ी के सतत प्रमाणन को बढ़ावा: पर्यावरणीय स्थिरता और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला की दिशा में कदम

Published 30 September 2026

केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने IFWCS के तहत ‘प्रमाण’ प्रमाण-पत्र प्रदान किए, जिसका उद्देश्य सतत वन प्रबंधन, जिम्मेदार स्रोत-प्राप्ति और वन उत्पादों की ट्रेसबिलिटी को बढ़ावा देना है। ‘प्रमाण’ IFWCS का ब्रांड नाम है, जिसे पर्यावरण मंत्रालय ने दिसंबर 2023 में शुरू किया था और इसके अंतर्गत Forest Management, Trees Outside Forests तथा Chain of Custody शामिल हैं। प्रमाणन प्रक्रिया में आवेदन, मूल्यांकन, ऑडिट, गैर-अनुपालन में सुधार और अंतिम प्रमाणन जैसे चरण शामिल हैं, जिससे व्यवस्था की विश्वसनीयता बढ़ती है। IFWCS का Forest Management Certification National Working Plan Code (NWPC) 2023 से जुड़ा है, जो भारत में वैज्ञानिक एवं सतत वन प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय ढांचा प्रदान करता है।

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने भारतीय वन एवं लकड़ी प्रमाणन योजना (IFWCS) के अंतर्गत ‘प्रमाण’ प्रमाण-पत्र प्रदान किए। यह पहल भारत में वन एवं वृक्ष संसाधनों के सतत प्रबंधन, जिम्मेदार स्रोत-प्राप्ति और प्रमाणित वन उत्पादों की ट्रेसबिलिटी को मजबूत करने के उद्देश्य से लागू की जा रही है। प्रमाण-पत्र आंध्र प्रदेश वन विकास निगम को 33,000 हेक्टेयर वृक्षारोपण तथा ओडिशा के एक बांस किसान को प्रदान किया गया।

‘प्रमाण’ क्या है?

PRAMAAN का विस्तृत रूप Programme for Recognition and Accreditation of Sustainable Management Practices for Agriculture Forestry and Natural Forestry Resources है। यह IFWCS का ब्रांड नाम है, जिसे पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने दिसंबर 2023 में शुरू किया था। इसका उद्देश्य सतत वन प्रबंधन को प्रमाणित करना और वन एवं वृक्ष-आधारित उत्पादों को उनके प्रमाणित स्रोत तक ट्रैक करने के लिए विश्वसनीय प्रणाली विकसित करना है।

प्रमाणन की तीन प्रमुख श्रेणियाँ

IFWCS के अंतर्गत प्रमाणन को मुख्यतः तीन क्षेत्रों में विभाजित किया गया है—Forest Management (FM), जिसमें वन एवं वन वृक्षारोपण का प्रबंधन शामिल है; Trees Outside Forests (ToF), जिसमें कृषि वानिकी तथा वनों के बाहर वृक्षों का प्रबंधन आता है; और Chain of Custody (CoC), जिसके माध्यम से लकड़ी एवं गैर-लकड़ी वन उत्पादों को उत्पादन स्रोत से प्रसंस्करण और बाजार तक ट्रैक किया जाता है। इससे उत्पाद की उत्पत्ति और आपूर्ति श्रृंखला में पारदर्शिता बढ़ती है।

प्रमाणन प्रक्रिया में स्वतंत्र मूल्यांकन और ऑडिट

‘प्रमाण’ केवल स्व-घोषणा पर आधारित व्यवस्था नहीं है। इसमें मान्यता प्राप्त प्रमाणन निकाय को आवेदन, दस्तावेजों का मूल्यांकन, आवश्यक होने पर पूर्व-ऑडिट, मुख्य ऑडिट, गैर-अनुपालन की पहचान, सुधारात्मक कार्रवाई और अंतिम प्रमाणन निर्णय जैसे चरण शामिल हैं। प्रमाणन निकायों को निर्धारित मान्यता व्यवस्था के तहत सक्षम प्राधिकरण से मान्यता प्राप्त होना आवश्यक है। इससे प्रमाणन की विश्वसनीयता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाता है।

राष्ट्रीय कार्य योजना संहिता 2023 से संबंध

IFWCS का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह है कि इसका Forest Management Certification भारतीय वन प्रबंधन मानकों से जुड़ा है, जिन्हें National Working Plan Code (NWPC) 2023 के ढांचे में शामिल किया गया है। भारतीय वन प्रबंधन मानक में 8 मानदंड, 69 संकेतक और 253 सत्यापनकर्ता शामिल हैं। यह व्यवस्था भारत की विशिष्ट वन पारिस्थितिकी, वन प्रबंधन आवश्यकताओं और राष्ट्रीय वन नीति ढांचे के अनुरूप प्रमाणन का आधार प्रदान करती है।

UPSC के लिए महत्व: पर्यावरण से वैश्विक व्यापार तक

यह पहल GS Paper-III के पर्यावरण, जैव विविधता, सतत विकास और कृषि-वनीकरण से सीधे जुड़ी है। Chain of Custody जैसी व्यवस्था लकड़ी और गैर-लकड़ी वन उत्पादों की traceability बढ़ाती है तथा जिम्मेदार आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने में मदद कर सकती है। अंतरराष्ट्रीय व्यापार के संदर्भ में यह EU Deforestation Regulation (EUDR) जैसी व्यवस्थाओं से भी जुड़ती है, जिनमें बाजार में प्रवेश करने वाले संबंधित उत्पादों के लिए वनों की कटाई से संबंधित due diligence और traceability की आवश्यकताएँ हैं। Mains में इसे “सतत वन प्रबंधन और हरित व्यापार के बीच संबंध”, तथा “भारत में वन संरक्षण और आजीविका के बीच संतुलन” जैसे प्रश्नों के संदर्भ में उपयोग किया जा सकता है।

Was this helpful? ★ ★ ★ ★ ★ Tap a star to rate

Practice this topic

Test yourself on what you just read.

Related Reading

All →

Discussion

Advertisement
Comments containing links are held for review before they appear.
No comments yet. Be the first to start the discussion.
Follow Sarkari WhatsApp Channel

Get daily current affairs alerts

You can unsubscribe anytime later.