RBI के 101वें SPF सर्वेक्षण में FY27 की GDP वृद्धि 6.6% और मुद्रास्फीति 5% रहने का अनुमान
RBI के 101वें Survey of Professional Forecasters के अनुसार, FY27 में भारत की वास्तविक GDP वृद्धि 6.6% और CPI आधारित खुदरा मुद्रास्फीति 5% रहने का अनुमान है, जो पिछले अनुमानों से मामूली सुधार है। FY28 में GDP वृद्धि 7% और मुद्रास्फीति 4.5% रहने का अनुमान है, जो मजबूत विकास और नियंत्रित मुद्रास्फीति के संभावित Goldilocks Economy परिदृश्य को दर्शाता है। FY27 में माल निर्यात वृद्धि 7%, आयात वृद्धि 9.9% और चालू खाता घाटा GDP के 1.4% रहने का अनुमान है, जबकि FY28 में CAD 1.1% रह सकता है। RBI ने FY27 की GDP वृद्धि 6.7% और IMF ने 6.4% आंकी है, जिससे अलग-अलग संस्थानों के आर्थिक पूर्वानुमानों में मामूली अंतर दिखाई देता है।
भारतीय रिज़र्व बैंक के 101वें Survey of Professional Forecasters (SPF) के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) में भारत की वास्तविक GDP वृद्धि का अनुमान 6.6% लगाया गया है, जो पिछले सर्वेक्षण के 6.5% अनुमान से थोड़ा अधिक है। यह सुधार मुख्यतः मजबूत घरेलू मांग, विनिर्माण गतिविधि, सेवा क्षेत्र और निर्यात से मिलने वाले समर्थन की उम्मीद को दर्शाता है। यह सर्वेक्षण अर्थव्यवस्था के भविष्य के प्रदर्शन को लेकर पेशेवर अर्थशास्त्रियों और पूर्वानुमानकर्ताओं की सामूहिक अपेक्षाओं का संकेत देता है।
FY27 में मुद्रास्फीति 5% रहने का अनुमान
SPF ने FY27 के लिए CPI आधारित खुदरा मुद्रास्फीति 5% रहने का अनुमान लगाया है, जो पिछले सर्वेक्षण के 4.9% अनुमान से थोड़ा अधिक है। मुद्रास्फीति पर प्रमुख जोखिमों में खाद्य एवं ईंधन कीमतों में उतार-चढ़ाव, मानसून की स्थिति, वैश्विक कमोडिटी कीमतें और भू-राजनीतिक तनाव शामिल हैं। हालांकि, खाद्य और ईंधन जैसे अस्थिर घटकों को छोड़कर Core Inflation के अपेक्षाकृत नियंत्रित रहने की उम्मीद है। यह RBI के मौद्रिक नीति निर्णयों के लिए महत्वपूर्ण संकेतक है।
FY28 में ‘Goldilocks’ परिदृश्य की संभावना
वित्त वर्ष 2027-28 (FY28) के लिए SPF ने GDP वृद्धि का अनुमान 7% कर दिया है, जबकि CPI मुद्रास्फीति 4.5% रहने का अनुमान बरकरार रखा है। मजबूत आर्थिक वृद्धि और अपेक्षाकृत नियंत्रित मुद्रास्फीति का संयोजन अर्थशास्त्र में ‘Goldilocks Economy’ कहलाता है। हालांकि 4.5% मुद्रास्फीति RBI के 4% मध्यम-अवधि लक्ष्य से ऊपर है, फिर भी यह मूल्य स्थिरता और आर्थिक विस्तार के बीच अपेक्षाकृत अनुकूल संतुलन का संकेत दे सकता है।
बाह्य क्षेत्र में सुधार के संकेत
SPF ने FY27 में भारत के माल निर्यात की वृद्धि 7% रहने का अनुमान लगाया है, जबकि माल आयात वृद्धि का अनुमान 9.9% है। इसके साथ ही FY27 के लिए चालू खाता घाटा (CAD) GDP के 1.4% रहने का अनुमान लगाया गया है, जो पिछले अनुमान 2.1% से कम है। FY28 के लिए CAD अनुमान भी GDP के 1.1% तक घटाया गया है। हालांकि, वास्तविक चालू खाते की स्थिति वस्तु व्यापार, सेवाओं के निर्यात, प्रेषण और निवेश आय जैसे घटकों पर निर्भर करेगी।
RBI और IMF के विकास अनुमानों में अंतर
RBI का FY27 के लिए GDP वृद्धि अनुमान 6.7% है, जबकि SPF का अनुमान 6.6% है। दूसरी ओर, IMF ने जुलाई 2026 के World Economic Outlook में FY27 के लिए भारत की वृद्धि का अनुमान 6.4% रखा है। FY28 के लिए IMF का अनुमान 6.7% है। अलग-अलग संस्थानों के अनुमानों में अंतर उनके द्वारा इस्तेमाल किए गए डेटा, मॉडल, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और जोखिम आकलन में अंतर को दर्शाता है।
UPSC के लिए व्यापक आर्थिक महत्व
SPF के अनुमान भारत की अर्थव्यवस्था में growth–inflation trade-off और बाह्य क्षेत्र की स्थिति को समझने में मदद करते हैं। यदि वृद्धि मजबूत रहती है और मुद्रास्फीति नियंत्रित रहती है, तो निवेश, रोजगार और उपभोग को समर्थन मिल सकता है। लेकिन मानसून, El Niño, वैश्विक व्यापार नीतियाँ, भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक मांग जैसे जोखिम आर्थिक परिदृश्य को प्रभावित कर सकते हैं। UPSC के लिए इसे GS Paper-3—GDP, Inflation, Monetary Policy, Balance of Payments, Current Account Deficit और External Sector से जोड़कर पढ़ना चाहिए।
