RBI ने AIFI के InvIT और REIT निवेश के मूल्यांकन नियमों में किया संशोधन
RBI ने AIFI के निवेश पोर्टफोलियो में InvIT और REIT इकाइयों के वर्गीकरण, मूल्यांकन एवं संचालन संबंधी नियमों में संशोधन किया है। सूचीबद्ध InvIT और REIT का मूल्यांकन RBI के सूचीबद्ध प्रतिभूतियों संबंधी मौजूदा नियमों के अनुसार किया जाएगा। गैर-सूचीबद्ध इकाइयों का मूल्यांकन संबंधित InvIT/REIT द्वारा रिपोर्ट किए गए NAV के आधार पर होगा, जबकि NAV उपलब्ध न होने या कम कारोबार की स्थिति में मूल्य ₹1 माना जाएगा। यह संशोधन valuation प्रक्रिया में स्पष्टता और एकरूपता लाने के उद्देश्य से किया गया है, जबकि अन्य गैर-सूचीबद्ध instruments पर मौजूदा RBI नियम लागू रहेंगे।
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने अखिल भारतीय वित्तीय संस्थानों (AIFI) के निवेश पोर्टफोलियो में Infrastructure Investment Trust (InvIT) और Real Estate Investment Trust (REIT) इकाइयों के वर्गीकरण, मूल्यांकन और संचालन से जुड़े नियमों में संशोधन किया है। ये बदलाव RBI (AIFI – Classification, Valuation and Operation of Investment Portfolio) Amendment Directions, 2026 के तहत किए गए हैं और जारी होने की तारीख से प्रभावी हैं।
सूचीबद्ध InvIT और REIT का मूल्यांकन:
संशोधित व्यवस्था में यदि InvIT या REIT की इकाइयाँ listed हैं, तो AIFI को उनके मूल्यांकन के लिए RBI द्वारा सूचीबद्ध प्रतिभूतियों के संबंध में निर्धारित मौजूदा नियमों का पालन करना होगा। इसका उद्देश्य बाजार में उपलब्ध मूल्य को मूल्यांकन प्रक्रिया में उचित रूप से शामिल करना है।
गैर-सूचीबद्ध InvIT के लिए व्यवस्था:
यदि InvIT की इकाइयाँ unlisted हैं और उनका बाजार मूल्य उपलब्ध नहीं है, तो सामान्यतः उनका मूल्यांकन संबंधित InvIT द्वारा रिपोर्ट किए गए Net Asset Value (NAV) के आधार पर किया जाएगा। यदि InvIT, SEBI (Infrastructure Investment Trusts) Regulations, 2014 के अनुसार NAV रिपोर्ट करने में विफल रहता है अथवा इकाई निर्धारित श्रेणी में infrequently traded है, तो उसके मूल्यांकन के लिए ₹1 का प्रावधान किया गया है।
REIT के लिए समान मूल्यांकन ढांचा:
गैर-सूचीबद्ध REIT इकाइयों का मूल्यांकन भी संबंधित REIT द्वारा रिपोर्ट किए गए NAV के आधार पर किया जाएगा। यदि REIT SEBI (Real Estate Investment Trusts) Regulations, 2014 के तहत निर्धारित तरीके और आवधिकता के अनुसार NAV की गणना एवं घोषणा नहीं करता है, तो ऐसी इकाइयों का मूल्य ₹1 माना जाएगा। सूचीबद्ध REIT के लिए RBI के listed securities संबंधी नियम लागू होंगे।
अन्य गैर-सूचीबद्ध उपकरणों पर प्रभाव:
संशोधन का दायरा केवल REIT और InvIT units के valuation framework तक सीमित है। REIT या InvIT द्वारा जारी अन्य गैर-सूचीबद्ध instruments के मूल्यांकन के लिए AIFI पहले से लागू RBI की valuation methodology का ही पालन करेंगे। इस प्रकार संशोधन का उद्देश्य पूरे REIT/InvIT ढांचे को बदलना नहीं, बल्कि इकाइयों के valuation में स्पष्टता लाना है।
UPSC के लिए महत्व:
यह मुद्दा GS Paper-III – Indian Economy, Banking & Financial Sector के अंतर्गत महत्वपूर्ण है। UPSC अभ्यर्थियों को RBI की regulatory role, AIFI, InvIT, REIT, NAV, listed/unlisted securities तथा SEBI-RBI के नियामकीय संबंध को समझना चाहिए। InvIT मुख्यतः infrastructure assets में निवेश से जुड़ा trust structure है, जबकि REIT मुख्यतः income-generating real estate assets में निवेश का माध्यम है। RBI का यह संशोधन विशेष रूप से valuation transparency, uniformity और financial reporting से संबंधित है।