बिश्केक में होगा SCO शिखर सम्मेलन 2026, संगठन मना रहा है 25वीं वर्षगांठ
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन 2026 का आयोजन 31 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक बिश्केक, किर्गिस्तान में किया जाएगा। वर्ष 2026 में SCO अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर रहा है और शिखर सम्मेलन का मुख्य विषय सतत शांति, विकास और समृद्धि है। शिखर सम्मेलन में आतंकवाद, अलगाववाद, उग्रवाद, साइबर सुरक्षा, व्यापार, परिवहन और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी पर चर्चा होगी। SCO के 10 सदस्य हैं—भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, ईरान और बेलारूस।
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन 2026 का आयोजन 31 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक बिश्केक, किर्गिस्तान में किया जाएगा। इस शिखर सम्मेलन में SCO के सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष एवं प्रतिनिधि भाग लेंगे।
25वीं वर्षगांठ का महत्व:
वर्ष 2026 में SCO अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर रहा है। इसका मुख्य विषय है—“SCO के 25 वर्ष: सतत शांति, विकास और समृद्धि की ओर एक साथ”। यह संगठन के बढ़ते क्षेत्रीय एवं वैश्विक महत्व को दर्शाता है।
सुरक्षा और आतंकवाद पर फोकस:
शिखर सम्मेलन में आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद के विरुद्ध सहयोग पर विशेष चर्चा की जाएगी। SCO के सुरक्षा सहयोग में साइबर अपराध, साइबर हमले और अन्य सीमा-पार अपराध भी महत्वपूर्ण विषय बनकर उभर रहे हैं।
कनेक्टिविटी और परिवहन:
सदस्य देशों के बीच व्यापार और संपर्क बढ़ाने के लिए परिवहन गलियारों तथा क्षेत्रीय कनेक्टिविटी परियोजनाओं पर चर्चा होगी। विशेष रूप से चीन-किर्गिस्तान-उज्बेकिस्तान रेलवे परियोजना मध्य एशियाई संपर्क के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।
SCO के 10 सदस्य देश:
वर्तमान में SCO के सदस्य हैं—भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, ईरान और बेलारूस। यह संगठन मध्य, दक्षिण और पूर्वी एशिया के महत्वपूर्ण देशों को एक मंच पर लाता है।
भारत और UPSC के लिए महत्व:
भारत के लिए SCO चीन, रूस और मध्य एशियाई देशों के साथ बहुपक्षीय संवाद का महत्वपूर्ण मंच है। UPSC के लिए SCO से संबंधित स्थापना वर्ष, मुख्यालय, सदस्य देश, भारत की भूमिका, क्षेत्रीय सुरक्षा, RATS और कनेक्टिविटी जैसे विषय अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
