लाहौर बना SCO पर्यटन एवं सांस्कृतिक राजधानी 2026–27
लाहौर को SCO की पर्यटन एवं सांस्कृतिक राजधानी 2026–27 नामित किया गया है, जिसकी घोषणा बिश्केक में आयोजित SCO राष्ट्राध्यक्षों की बैठक में की गई। इस पहल का उद्देश्य SCO सदस्य देशों के बीच पर्यटन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, विरासत संरक्षण और People-to-People Contact को बढ़ावा देना है। इसी अवधि में पाकिस्तान ने SCO की अध्यक्षता ग्रहण की है, जिसकी थीम “दृष्टि को क्रिया में बदलना: कनेक्टिविटी, नवाचार और साझा समृद्धि” है। SCO की स्थापना 2001 में हुई थी और भारत 2017 में इसका पूर्ण सदस्य बना; वर्तमान में संगठन में 10 सदस्य देश हैं।
लाहौर को शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की पर्यटन एवं सांस्कृतिक राजधानी 2026–27 के रूप में नामित किया गया है। इसकी घोषणा किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित SCO राष्ट्राध्यक्षों की 26वीं परिषद की बैठक में की गई।
इस पहल के तहत लाहौर को SCO सदस्य देशों के बीच पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत और लोगों के बीच संपर्क (People-to-People Contact) को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
लाहौर के चयन का कारण
लाहौर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की राजधानी और दक्षिण एशिया के प्रमुख ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक शहरों में से एक है।
शहर पर विभिन्न ऐतिहासिक कालों का प्रभाव दिखाई देता है, विशेष रूप से:
मुगल विरासत
सूफी परंपरा
औपनिवेशिक वास्तुकला
इसके प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों में लाहौर किला, शालीमार गार्डन, बादशाही मस्जिद और पुराना चारदीवारी वाला शहर शामिल हैं।
लाहौर किला और शालीमार गार्डन UNESCO की विश्व धरोहर सूची में शामिल हैं।
पर्यटन एवं सांस्कृतिक राजधानी पहल का उद्देश्य
SCO की यह पहल सदस्य देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान, पर्यटन सहयोग और साझा विरासत के संरक्षण को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।
2026–27 के दौरान लाहौर में विभिन्न सांस्कृतिक एवं पर्यटन गतिविधियों के आयोजन के माध्यम से SCO देशों के लोगों को एक-दूसरे की सभ्यता, संस्कृति, कला और ऐतिहासिक विरासत से परिचित कराने का प्रयास किया जाएगा।
2026–27 के लिए पाकिस्तान को SCO की अध्यक्षता
इसी अवधि के लिए पाकिस्तान ने SCO की अध्यक्षता ग्रहण की है। पाकिस्तान ने अपनी अध्यक्षता के लिए थीम दी है:
“दृष्टि को क्रिया में बदलना: कनेक्टिविटी, नवाचार और साझा समृद्धि”
अध्यक्ष देश के रूप में पाकिस्तान SCO के विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित बैठकें एवं कार्यक्रम आयोजित करेगा, जिनमें कनेक्टिविटी, संस्कृति, पर्यटन और आर्थिक सहयोग शामिल हैं।
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) क्या है?
SCO एक यूरेशियाई अंतर-सरकारी संगठन है, जिसकी स्थापना 2001 में हुई थी।
इसके वर्तमान सदस्य हैं:
चीन
भारत
कजाकिस्तान
किर्गिस्तान
पाकिस्तान
रूस
ताजिकिस्तान
उज्बेकिस्तान
ईरान
बेलारूस
भारत 2017 में SCO का पूर्ण सदस्य बना था, जबकि ईरान 2023 और बेलारूस 2024 में पूर्ण सदस्य बने।
SCO का प्रमुख उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सुरक्षा, आर्थिक सहयोग, संपर्क, सांस्कृतिक सहयोग और क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देना है।
UPSC के लिए व्यापक महत्व
यह समाचार GS Paper-II (International Relations) तथा संस्कृति और पर्यटन से जुड़े विषयों के लिए महत्वपूर्ण है।
SCO: यूरेशिया में क्षेत्रीय सहयोग का महत्वपूर्ण मंच।
भारत की भूमिका: भारत SCO का पूर्ण सदस्य होने के कारण मध्य एशिया और यूरेशिया के साथ बहुपक्षीय जुड़ाव बढ़ा सकता है।
सांस्कृतिक कूटनीति: साझा ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत का उपयोग देशों के बीच संबंध मजबूत करने में किया जा सकता है।
People-to-People Contact: पर्यटन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सदस्य देशों के नागरिकों के बीच संपर्क बढ़ता है।
कनेक्टिविटी: SCO के माध्यम से परिवहन, व्यापार और लोगों की आवाजाही से संबंधित क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा दिया जा सकता है।
विरासत संरक्षण: ऐतिहासिक शहरों और स्मारकों को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन से जोड़ने से सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को प्रोत्साहन मिल सकता है।