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SLINEX-26: भारत-श्रीलंका नौसैनिक सहयोग को मजबूती, विशाखापत्तनम में 13वां द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास

Published 22 September 2026

भारत और श्रीलंका के बीच SLINEX-26 का 13वां द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास 17–21 सितंबर 2026 तक विशाखापत्तनम में आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य समुद्री सहयोग और परिचालन समन्वय बढ़ाना है। अभ्यास में भारत की ओर से INS Kavaratti और INS Jyoti तथा श्रीलंका की ओर से SLNS Sindurala भाग ले रहे हैं। अभ्यास में पहले हार्बर चरण के तहत पेशेवर संवाद, सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान और सांस्कृतिक गतिविधियां, फिर समुद्री चरण में Interoperability पर जोर दिया जाएगा। 2005 में शुरू हुआ SLINEX भारत-श्रीलंका के बीच समुद्री सहयोग, सूचना एवं अनुभव के आदान-प्रदान और हिंद महासागर क्षेत्र में आपसी विश्वास को मजबूत करने का महत्वपूर्ण मंच है।

भारत और श्रीलंका 17 से 21 सितंबर 2026 तक विशाखापत्तनम में अपने वार्षिक द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास SLINEX-26 (Sri Lanka–India Naval Exercise) का 13वां संस्करण आयोजित कर रहे हैं। इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के बीच पेशेवर सहयोग, संयुक्त संचालन और परिचालन समन्वय को मजबूत करना है। अभ्यास की शुरुआत हार्बर चरण से होती है, जिसके बाद समुद्री चरण आयोजित किया जाता है।

भाग लेने वाले नौसैनिक पोत

SLINEX-26 में भारतीय नौसेना की ओर से INS Kavaratti और INS Jyoti, जबकि श्रीलंका नौसेना की ओर से SLNS Sindurala भाग ले रहा है। INS Kavaratti एक स्वदेशी रूप से निर्मित एंटी-सबमरीन वारफेयर (ASW) कॉर्वेट है, जबकि INS Jyoti एक फ्लीट टैंकर है। यह भागीदारी दोनों देशों के बीच समुद्री अभियानों में व्यावहारिक सहयोग को प्रदर्शित करती है।

हार्बर चरण में सहयोग और पेशेवर संवाद

अभ्यास का हार्बर चरण उद्घाटन समारोह और INS Kavaratti पर श्रीलंकाई प्रतिनिधिमंडल के स्वागत के साथ शुरू हुआ। इस चरण में पेशेवर संवाद, दोनों देशों के नौसैनिक पोतों पर भ्रमण, सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान, योग, खेल तथा सांस्कृतिक गतिविधियां शामिल हैं। इन गतिविधियों का उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के कर्मियों के बीच आपसी विश्वास और पेशेवर संबंधों को मजबूत करना है।

समुद्री चरण और इंटरऑपरेबिलिटी

हार्बर चरण के बाद अभ्यास का समुद्री चरण आयोजित किया जाएगा। इसमें दोनों नौसेनाएं समुद्र में संयुक्त गतिविधियों के दौरान परिचालन समन्वय और अंतर-संचालनीयता (Interoperability) पर विशेष ध्यान देंगी। नियमित संयुक्त सैन्य अभ्यास से दोनों सेनाओं को एक-दूसरे की परिचालन प्रक्रियाओं को समझने और संयुक्त रूप से कार्य करने की क्षमता विकसित करने का अवसर मिलता है।

भारत-श्रीलंका समुद्री संबंधों में SLINEX का महत्व

SLINEX की शुरुआत 2005 में हुई थी और तब से यह भारत तथा श्रीलंका के बीच समुद्री सहयोग का एक महत्वपूर्ण मंच बन गया है। अभ्यास केवल नौसैनिक प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से दोनों देशों के सैन्य कर्मियों के बीच सूचना एवं अनुभव का आदान-प्रदान, परिचालन प्रक्रियाओं की समझ और संस्थागत सहयोग बढ़ता है। नियमित द्विपक्षीय अभ्यास पड़ोसी देशों के बीच समुद्री क्षेत्र में विश्वास एवं समन्वय को मजबूत करने में सहायक होते हैं।

UPSC के लिए महत्व: हिंद महासागर और MAHASAGAR

SLINEX-26 UPSC के लिए GS Paper-II (भारत के पड़ोसी देशों के साथ संबंध), GS Paper-III (रक्षा एवं सुरक्षा) और हिंद महासागर क्षेत्र की समुद्री सुरक्षा के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। यह अभ्यास भारत की MAHASAGAR पहल से भी जुड़ा है, जिसका उद्देश्य समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा, स्थिरता और समावेशिता को बढ़ावा देना है। UPSC अभ्यर्थियों को SLINEX—भारत-श्रीलंका नौसैनिक अभ्यास, शुरुआत—2005, 13वां संस्करण—SLINEX-26, स्थान—विशाखापत्तनम, प्रमुख अवधारणाएं—Interoperability, Maritime Security और MAHASAGAR याद रखनी चाहिए।

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