Updated daily · Free for UPSC, SSC, Banking & Railway aspirants Take today's quiz →
CurrentAffairs
Advertisement Follow Sarkari WhatsApp Channel
HomeDaily Current Affairs › भारत के ‘कृत्रिम सूर्य’ मिशन में बड़ी उपलब्धि—SST-1 टोकामाक में 82.6 GHz जाइरोट्रॉन स्थापित

भारत के ‘कृत्रिम सूर्य’ मिशन में बड़ी उपलब्धि—SST-1 टोकामाक में 82.6 GHz जाइरोट्रॉन स्थापित

Published 15 September 2026

गुजरात के Institute for Plasma Research में SST-1 टोकामाक पर 82.6 GHz, 400 kW जाइरोट्रॉन स्थापित किया गया है, जिससे नियंत्रित परमाणु संलयन अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा। SST-1 में सूर्य जैसी संलयन प्रक्रिया के लिए अत्यधिक गर्म प्लाज्मा को चुंबकीय परिरोधन द्वारा नियंत्रित किया जाता है। नया जाइरोट्रॉन उच्च-आवृत्ति माइक्रोवेव ऊर्जा से प्लाज्मा को गर्म करने और लंबे समय तक बनाए रखने में सहायता करेगा। नियंत्रित संलयन भविष्य की संभावित स्वच्छ ऊर्जा तकनीक है, जो भारत की ऊर्जा सुरक्षा और कम-कार्बन अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

गुजरात स्थित Institute for Plasma Research (IPR) में SST-1 (Steady State Superconducting Tokamak) पर 82.6 GHz, 400 kW जाइरोट्रॉन स्थापित किया गया है। यह प्रणाली अत्यधिक गर्म प्लाज्मा को गर्म करने और लंबे समय तक बनाए रखने की भारत की क्षमता को मजबूत करेगी। यह भारत के नियंत्रित परमाणु संलयन अनुसंधान की दिशा में महत्वपूर्ण तकनीकी प्रगति है।

‘कृत्रिम सूर्य’ वास्तव में क्या है?

भारत का ‘कृत्रिम सूर्य’ कोई वास्तविक सूर्य नहीं है, बल्कि नियंत्रित परमाणु संलयन (Controlled Nuclear Fusion) पर किया जा रहा अनुसंधान है। SST-1 एक प्रायोगिक टोकामाक है, जिसमें सूर्य के समान संलयन प्रक्रिया के लिए आवश्यक अत्यधिक तापमान और प्लाज्मा की स्थिति तैयार करने का प्रयास किया जाता है। सूर्य में गुरुत्वाकर्षण प्लाज्मा को सीमित रखता है, जबकि पृथ्वी पर चुंबकीय परिरोधन (Magnetic Confinement) का उपयोग किया जाता है।

परमाणु संलयन और परमाणु विखंडन में अंतर

नाभिकीय संलयन में हल्के परमाणु नाभिक आपस में मिलकर भारी नाभिक बनाते हैं और ऊर्जा मुक्त करते हैं। इसके विपरीत नाभिकीय विखंडन में भारी परमाणु नाभिक छोटे नाभिकों में टूटता है और ऊर्जा उत्पन्न होती है। वर्तमान परमाणु बिजली संयंत्र मुख्यतः विखंडन आधारित हैं, जबकि संलयन को भविष्य की संभावित स्वच्छ ऊर्जा तकनीक के रूप में देखा जा रहा है।

जाइरोट्रॉन की भूमिका

जाइरोट्रॉन एक उच्च-शक्ति उपकरण है, जो उच्च आवृत्ति वाली माइक्रोवेव ऊर्जा उत्पन्न करता है। SST-1 में इसका उपयोग प्लाज्मा को अत्यधिक उच्च तापमान तक गर्म करने के लिए किया जाएगा। नई प्रणाली 82.6 GHz और 400 kW क्षमता वाली है, जो पहले इस्तेमाल की जाने वाली 42 GHz प्रणाली की तुलना में उन्नत है। इससे प्लाज्मा ताप, स्थिरता और परिरोधन संबंधी अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा।

संलयन अनुसंधान की सबसे बड़ी चुनौती—प्लाज्मा परिरोधन

संलयन के लिए प्लाज्मा को अत्यधिक उच्च तापमान पर बनाए रखना आवश्यक है। पृथ्वी पर इतना गर्म प्लाज्मा किसी सामान्य पदार्थ से बने पात्र में सीधे नहीं रखा जा सकता, क्योंकि वह रिएक्टर की दीवारों को नुकसान पहुँचा सकता है। इसलिए टोकामाक में शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्रों के माध्यम से प्लाज्मा को सीमित किया जाता है। भारत के प्रयोगों में 200 मिलियन°C से अधिक तापमान प्राप्त किया गया है, जो सूर्य के केंद्र के तापमान से लगभग 20 गुना अधिक है।

संलयन ऊर्जा का रणनीतिक एवं पर्यावरणीय महत्व

नियंत्रित संलयन सफल होने पर यह भविष्य में कम-कार्बन, उच्च ऊर्जा घनत्व और संभावित रूप से बड़े पैमाने पर स्वच्छ ऊर्जा का स्रोत बन सकता है। इससे जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने और भारत की ऊर्जा सुरक्षा तथा जलवायु लक्ष्यों को मजबूत करने में सहायता मिल सकती है। हालांकि, व्यावसायिक स्तर पर संलयन से बिजली उत्पादन अभी एक बड़ी वैज्ञानिक और इंजीनियरिंग चुनौती है।

Was this helpful? Tap a star to rate

Practice this topic

Test yourself on what you just read.

24 जुलाई 2026 Hindi Current Affairs Quiz | दैनिक करेंट अफेयर्स प्रश्नोत्तरी

24 जुलाई 2026 की हिंदी करंट अफेयर्स ऑनलाइन टेस्ट क्विज़ के साथ अपनी परीक्षा की तैयारी को मज़बूत करें। यह दैनिक क्विज़ राष्ट्रीय मामलों, अंतर्राष्ट्रीय घटनाओं,…

हिंदी 8 MCQs 10 min 2026-07-24
15 सितंबर 2026 Hindi Current Affairs One Liners | दैनिक GK वन लाइनर

15 सितंबर 2026 की सबसे महत्वपूर्ण खबरों को त्वरित वन-लाइनर प्रश्न-उत्तर प्रारूप में दोहराएँ। UPSC, SSC, IBPS, SBI PO, RBI, RRB, राज्य PSC और रक्षा परीक्षाओं के…

हिंदी 10 points 2026-09-15
24 जुलाई 2026 Hindi Current Affairs One Liners | दैनिक GK वन लाइनर

24 जुलाई 2026 की सबसे महत्वपूर्ण खबरों को त्वरित वन-लाइनर प्रश्न-उत्तर प्रारूप में दोहराएँ। UPSC, SSC, IBPS, SBI PO, RBI, RRB, राज्य PSC और रक्षा परीक्षाओं के…

हिंदी 10 points 2026-07-24

Related Reading

All →

Discussion

Advertisement
Comments containing links are held for review before they appear.
No comments yet. Be the first to start the discussion.
Follow Sarkari WhatsApp Channel

Get daily current affairs alerts

You can unsubscribe anytime later.