TRISHNA मिशन—भारत-फ्रांस का संयुक्त पृथ्वी अवलोकन मिशन
TRISHNA भारत और फ्रांस का संयुक्त पृथ्वी अवलोकन मिशन है, जिसे ISRO और CNES द्वारा विकसित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य पृथ्वी की सतह के तापमान और पर्यावरणीय परिवर्तनों का उच्च-रिज़ॉल्यूशन अध्ययन करना है। इसमें CNES का TIR पेलोड और ISRO का VNIR-SWIR पेलोड होगा, जो सतह के तापमान, उत्सर्जन क्षमता, परावर्तन तथा विकिरण संबंधी आंकड़े उपलब्ध कराएंगे। मिशन जल संकट, कृषि, सिंचाई, सूखा, शहरी ताप द्वीप, ग्लेशियर, जल निकायों और वायुमंडलीय मापदंडों के अध्ययन में उपयोगी होगा। TRISHNA को लगभग 761 किमी ऊंचाई वाली Sun-Synchronous Orbit में स्थापित किया जाएगा, जिसका भूमि पर 57 मीटर और महासागर/ध्रुवीय क्षेत्रों में लगभग 1 किमी स्थानिक रिज़ॉल्यूशन तथा 5 वर्ष का नियोजित मिशन जीवन है।
TRISHNA (Thermal Infrared Imaging Satellite for High-Resolution Natural Resource Assessment) भारत और फ्रांस का संयुक्त पृथ्वी अवलोकन मिशन है। इसे ISRO और फ्रांस की अंतरिक्ष एजेंसी CNES द्वारा विकसित किया जा रहा है। इसका प्रमुख उद्देश्य पृथ्वी की सतह के तापमान, उत्सर्जन क्षमता और पर्यावरणीय परिवर्तनों का उच्च-रिज़ॉल्यूशन में अध्ययन करना है।
मिशन की प्रमुख तकनीक और पेलोड TRISHNA में दो प्रमुख पेलोड होंगे।
TIR (Thermal Infrared) पेलोड—CNES द्वारा विकसित; यह 4-चैनल Long-Wave Infrared सेंसर के माध्यम से सतह के तापमान और उत्सर्जन क्षमता का अध्ययन करेगा।
VNIR-SWIR पेलोड—ISRO द्वारा विकसित; इसमें 7 स्पेक्ट्रल बैंड होंगे, जो सतह के परावर्तन तथा विकिरण संबंधी आंकड़े उपलब्ध कराएंगे।
जल संकट और कृषि के लिए उपयोगिता
TRISHNA से प्राप्त डेटा स्थलीय जल तनाव, जल उपयोग और जल-ऊर्जा बजट के आकलन में सहायता करेगा। उच्च-रिज़ॉल्यूशन तापीय आंकड़ों का उपयोग कृषि क्षेत्र में फसल जल आवश्यकता, सिंचाई प्रबंधन और सूखे की निगरानी के लिए किया जा सकता है। इससे जल संसाधनों के अधिक वैज्ञानिक एवं टिकाऊ प्रबंधन में सहायता मिलेगी।
जलवायु एवं पर्यावरणीय अध्ययन में भूमिका
मिशन के माध्यम से शहरी ताप द्वीप (Urban Heat Island), ग्लेशियर गतिशीलता, बर्फ पिघलने से होने वाले अपवाह, तटीय एवं अंतर्देशीय जल निकायों और ज्वालामुखीय/भूतापीय क्षेत्रों का अध्ययन किया जाएगा। इसके अलावा एरोसोल, जलवाष्प और बादलों जैसे वायुमंडलीय मापदंडों की निगरानी भी की जाएगी।
कक्षा और स्थानिक रिज़ॉल्यूशन
TRISHNA को लगभग 761 किमी की ऊंचाई पर Sun-Synchronous Orbit (SSO) में स्थापित करने की योजना है। इसका नियोजित स्थानिक रिज़ॉल्यूशन भूमि एवं तटीय क्षेत्रों में लगभग 57 मीटर तथा महासागर एवं ध्रुवीय क्षेत्रों में लगभग 1 किमी होगा। मिशन की नियोजित अवधि 5 वर्ष है।
UPSC के लिए महत्व—अंतरिक्ष कूटनीति और जलवायु कार्रवाई
TRISHNA भारत की Earth Observation क्षमता, जलवायु निगरानी और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन को मजबूत करने वाला मिशन है। यह SDGs, जलवायु परिवर्तन अध्ययन, कृषि, जल प्रबंधन और आपदा प्रबंधन के लिए उपयोगी वैज्ञानिक डेटा प्रदान कर सकता है। भारत-फ्रांस अंतरिक्ष सहयोग के संदर्भ में यह महत्वपूर्ण है क्योंकि ISRO की उपग्रह एवं प्रक्षेपण क्षमता और CNES की Thermal Infrared Earth Observation विशेषज्ञता को एक साथ लाया जा रहा है। UPSC में इसे Science & Technology + Environment + International Relations के अंतर्विषयक विषय के रूप में पढ़ना उपयोगी रहेगा।