UNMISS में 210 भारतीय शांति सैनिकों को संयुक्त राष्ट्र पदक
दक्षिण सूडान की राजधानी जुबा में UNMISS के तहत सेवारत 210 भारतीय शांति सैनिकों को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए प्रतिष्ठित संयुक्त राष्ट्र पदक से सम्मानित किया गया। सम्मानित दल में 6 महिला शांति सैनिक और 7 स्टाफ अधिकारी भी शामिल थे, जिन्होंने संकट, चिकित्सा आपात स्थितियों और मानवीय राहत कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। भारत संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में सैन्य एवं पुलिस कर्मियों के प्रमुख योगदानकर्ताओं में से एक है। अप्रैल 2026 तक UNMISS में 1,775 भारतीय सैन्य कर्मियों की तैनाती के साथ भारत सबसे बड़ा सैनिक योगदानकर्ता था।
दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन (UNMISS) में सेवारत 210 भारतीय शांति सैनिकों को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए प्रतिष्ठित संयुक्त राष्ट्र पदक से सम्मानित किया गया। समारोह दक्षिण सूडान की राजधानी जुबा में आयोजित हुआ।
महिला शांति सैनिकों की भागीदारी:
सम्मानित भारतीय दल में 6 महिला शांति सैनिक और 7 स्टाफ अधिकारी भी शामिल थे। यह संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में भारतीय महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।
संकट और मानवीय कार्यों में योगदान:
भारतीय शांति सैनिकों ने संकट की स्थितियों, चिकित्सा आपात स्थितियों और जीवनरक्षक अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका कार्य केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों की सहायता और मानवीय राहत भी शामिल है।
भारत की वैश्विक शांति स्थापना भूमिका:
भारत संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में सैन्य एवं पुलिस कर्मियों के प्रमुख योगदानकर्ताओं में से एक है। भारत के हजारों सैन्य और पुलिसकर्मी अफ्रीका, पश्चिम एशिया और अन्य संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में संयुक्त राष्ट्र मिशनों के अंतर्गत कार्यरत हैं।
UNMISS में भारत का विशेष योगदान:
दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन (UNMISS) में भारत का विशेष महत्व है। अप्रैल 2026 तक भारत इस मिशन में 1,775 सैन्य कर्मियों के साथ सबसे बड़ा सैनिक योगदानकर्ता था।
UPSC परीक्षा के लिए महत्त्व:
यह समाचार GS Paper-II (International Relations) के लिए महत्वपूर्ण है। इससे भारत की बहुपक्षवाद (Multilateralism), संयुक्त राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता, मानवीय कूटनीति, महिला शांति सैनिकों की भूमिका और वैश्विक शांति स्थापना में योगदान को समझा जा सकता है।
