WorldSkills Shanghai 2026 में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन, वैश्विक कौशल प्रतियोगिता में 10वाँ स्थान
चीन के शंघाई में आयोजित WorldSkills Competition 2026 में भारत ने 10वाँ स्थान हासिल किया, जो इस प्रतियोगिता में उसका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। भारत ने 6 रजत पदक और 20 Medal of Excellence जीते, जिनमें बेकरी, डेंटल प्रोस्थेटिक्स, डिजिटल मीडिया डिजाइन और रिटेल सेल्स जैसे क्षेत्र शामिल रहे। भारत ने 11 नए कौशल क्षेत्रों में पहली बार भाग लिया, जिससे पारंपरिक ट्रेड के साथ डिजिटल तकनीक और Industry 4.0 आधारित कौशलों की ओर बढ़ता रुझान दिखाई देता है। 2007 में WorldSkills International का सदस्य बनने के बाद भारत की भागीदारी बढ़ी है और 2011 के 39वें स्थान से 2026 में 10वें स्थान तक पहुंचना कौशल विकास में प्रगति को दर्शाता है।
चीन के शंघाई में 23–26 सितंबर 2026 तक आयोजित WorldSkills Competition 2026 में भारत ने 10वाँ स्थान हासिल किया, जो WorldSkills में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। भारतीय दल ने 6 रजत पदक और 20 मेडल ऑफ एक्सीलेंस जीते। 2024 के ल्योन संस्करण में भारत 13वें स्थान पर रहा था। यह उपलब्धि भारत में व्यावसायिक एवं तकनीकी कौशल की बढ़ती क्षमता को दर्शाती है।
छह रजत पदक और प्रमुख क्षेत्र:
भारत के रजत पदक बेकरी, डेंटल प्रोस्थेटिक्स, डिजिटल इंटरएक्टिव मीडिया डिजाइन, इंडस्ट्रियल डिजाइन टेक्नोलॉजी, लॉजिस्टिक्स एवं फ्रेट फॉरवर्डिंग तथा रिटेल सेल्स में आए। स्मृति नाम्बियार ने बेकरी में रजत पदक जीतने के साथ भारत की सर्वश्रेष्ठ प्रतियोगी का सम्मान भी प्राप्त किया। इससे पारंपरिक कौशल के साथ-साथ डिजिटल एवं सेवा क्षेत्र के कौशलों के महत्व का पता चलता है।
नए उभरते कौशलों में भारत की भागीदारी:
शंघाई में भारत ने 11 कौशल क्षेत्रों में पहली बार भाग लिया। इनमें डेंटल प्रोस्थेटिक्स, डिजिटल इंटरएक्टिव मीडिया डिजाइन, इंटेलिजेंट सिक्योरिटी टेक्नोलॉजी, लैंडस्केप गार्डनिंग, ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक टेक्नोलॉजी, रिटेल सेल्स, अनमैन्ड एरियल सिस्टम, सॉफ्टवेयर टेस्टिंग और एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस जैसे क्षेत्र शामिल थे। यह भारत के कौशल पारिस्थितिकी तंत्र के पारंपरिक ट्रेड से Industry 4.0 और डिजिटल तकनीकों की ओर विस्तार को दर्शाता है।
Medal of Excellence का महत्व:
WorldSkills में पदक के अलावा Medal of Excellence उन प्रतिभागियों को दिया जाता है जो अपने कौशल में निर्धारित अंतरराष्ट्रीय पेशेवर मानकों को प्राप्त करते हैं। भारत ने शंघाई में 20 Medal of Excellence जीते। इनमें मेकाट्रॉनिक्स, ऑटोनॉमस मोबाइल रोबोटिक्स, Industry 4.0, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग, रोबोट सिस्टम इंटीग्रेशन, ऑटोमोबाइल टेक्नोलॉजी और केमिकल लैब टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्र शामिल रहे।
WorldSkills में भारत की प्रगति:
भारत 2007 में WorldSkills International का सदस्य बना। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय भागीदारी लगातार विस्तृत हुई। लंदन 2011 में भारत ने 15 कौशलों में 16 प्रतिभागियों के साथ भाग लिया था, जबकि शंघाई 2026 में यह बढ़कर 63 कौशलों में 70 प्रतिभागियों तक पहुंच गया। भारत की वैश्विक रैंकिंग भी लंदन 2011 के 39वें स्थान से बढ़कर शंघाई 2026 में 10वें स्थान तक पहुंची।
UPSC के लिए व्यापक महत्व:
WorldSkills Shanghai 2026 की उपलब्धि भारत के Skill India Mission, रोजगारपरक शिक्षा, कौशल-आधारित मानव पूंजी और Industry 4.0 के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। भारत की युवा आबादी को वैश्विक रोजगार बाजार के अनुरूप तैयार करने के लिए केवल अकादमिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि vocational education, apprenticeship, digital skills, advanced manufacturing और emerging technologies पर जोर आवश्यक है। यह विषय GS Paper-2 में शिक्षा एवं मानव संसाधन, GS Paper-3 में रोजगार/कौशल विकास तथा Essay के लिए उपयोगी है।